प्रमुख मंदिरों में घंटों इंतजार कर श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, गूंजे जयकारे
कानपुर।
नववर्ष 2026 के पहले दिन शहरवासियों ने आस्था, श्रद्धा और उल्लास के साथ वर्ष का स्वागत किया। सुबह से ही लोग अपने परिवार और प्रियजनों के साथ शहर के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना में लीन नजर आए। वहीं दोपहर और शाम होते-होते घूमने-फिरने के लोकप्रिय स्थलों और बाजारों में भी भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरे शहर में उत्सव का माहौल बना रहा।
आनंदेश्वर धाम परमट, पनकी, इस्कॉन मंदिर, सिद्धनाथ मंदिर और तपेश्वरी मंदिर सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं को सुबह से ही आधा किलोमीटर से अधिक लंबी लाइन में लगना पड़ा। कई भक्तों को बाबा के दर्शन के लिए तीन घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। मंदिर परिसर में बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
पनकी स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में भी तड़के से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर जय-जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर के महंत कृष्णदास ने बताया कि नववर्ष के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर के पट रात्रि 10 बजे तक खुले रखे गए हैं।
भोर से ही श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर नए साल की शुभकामनाओं के साथ ईश्वर का आशीर्वाद लेते नजर आए। लोगों ने शांति, समृद्धि, सुख-शांति और खुशहाली की कामना करते हुए वर्ष के पहले दिन का शुभारंभ आध्यात्मिक वातावरण में किया।
धार्मिक स्थलों के साथ-साथ मोतीझील, गंगा बैराज और बोट क्लब जैसे पर्यटन स्थलों पर भी परिवारों और युवाओं की अच्छी-खासी भीड़ देखी गई। नानाराव पार्क में बच्चों और बुजुर्गों की उपस्थिति रही, जहां लोगों ने पिकनिक का आनंद लिया। वहीं शहर के विभिन्न शॉपिंग मॉल्स और बाजारों में खरीदारी और मनोरंजन करने वालों का तांता लगा रहा।
लोग एक-दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं देते नजर आए। कुल मिलाकर, नववर्ष 2026 के पहले दिन कानपुर शहर आस्था, उल्लास और आपसी सौहार्द के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया।
पहले दिन शहरवासियों ने आस्था और मौज-मस्ती में बिताया नववर्ष