कानपुर।
जनपद में आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आपदा मित्र योजना के अंतर्गत द्वितीय चरण में चयनित 32 स्वयंसेवकों को 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण के लिए एसडीआरएफ मुख्यालय, लखनऊ रवाना किया गया। गुरुवार, 01 जनवरी को जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) विवेक चतुर्वेदी ने निर्वाचन कार्यालय, कलेक्ट्रेट से स्वयंसेवकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत ये आपदा मित्र जिले में किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित आपदा मित्र भविष्य में फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में कार्य करते हुए आपदा के समय जन-धन की हानि को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा सामुदायिक जागरूकता एवं सहभागिता के माध्यम से आपदाओं से होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने के उद्देश्य से आपदा मित्र योजना लागू की गई है। इस योजना का संचालन आपदा मोचक निधि से किया जा रहा है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इन स्वयंसेवकों को एसडीआरएफ लखनऊ में निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार आपदा प्रबंधन, आपदा पूर्व तैयारी, भूकंप सुरक्षा, खोज एवं बचाव कार्य, अग्नि सुरक्षा, वर्षा ऋतु में बाढ़ प्रबंधन, आकाशीय बिजली से बचाव, सीपीआर सहित विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिला आपदा विशेषज्ञ जुगबीर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी आपदा मित्रों को आपातकालीन किट उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका उपयोग वे आपदा के समय कर सकेंगे। इस किट में फर्स्ट एड किट, लाइफ जैकेट, टॉर्च, सुरक्षा हेलमेट, लाइटर, बहुउपयोगी रस्सी, कटर, सीटी सहित अन्य आवश्यक उपकरण शामिल होंगे।
इस अवसर पर विमलेश कुमार यादव, वरिष्ठ सहायक उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा, कानपुर नगर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
आपदा मित्र योजना के तहत 32 स्वयंसेवक प्रशिक्षण के लिए एसडीआरएफ लखनऊ रवाना