कानपुर नगर।
कानपुर कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अन्तर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने फेसबुक, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाले 07 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी महिला प्रोफाइल के जरिए लोगों से संपर्क करता था। पीड़ित को विश्वास में लेकर deepgtp-india.vip नामक फर्जी वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा जाता था। जून से दिसंबर 2025 के बीच एक व्यक्ति से लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की ठगी की गई, जिसे 96 संदिग्ध बैंक खातों में UPI, ATM कैश डिपॉजिट, RTGS और NFT जैसे माध्यमों से ट्रांसफर कराया गया।
ठगों ने मनी ट्रेल छिपाने के लिए कैश डिपॉजिट मशीन का इस्तेमाल किया और बाद में रकम को क्रिप्टो करेंसी (USDT) में बदलकर डिजिटल वॉलेट्स के जरिए आगे ट्रांसफर कर दिया। जब पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो उसे और उसके परिवार को डिजिटल माध्यमों से डराया-धमकाया जाने लगा। इसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान एक संदिग्ध खाता कानपुर नगर से जुड़ा मिला, जिससे पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर 30 दिसंबर 2025 को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 07 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी में बरामदगी
08 मोबाइल फोन
42 बैंक पासबुक
10 एटीएम कार्ड
10 पैन कार्ड
03 चेकबुक
01 लैपटॉप
15 फोटो पहचान पत्र
Telegram व WhatsApp चैट
लगभग 1.50 करोड़ रुपये के USDT ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड
डिजिटल साक्ष्यों से सामने आया कि अभियुक्त संगठित रूप से लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर फर्जी ट्रेडिंग एप और ग्रुप्स के माध्यम से ठगी करते थे। प्रारंभ में मुनाफा दिखाकर निवेश कराया जाता और बाद में दबाव बनाकर बड़ी रकम ऐंठ ली जाती थी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इन खातों से जुड़े मामलों में तेलंगाना, गुजरात, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में साइबर अपराध दर्ज हैं।
पुलिस ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 351(2), 351(3), 318(4), 61(2) एवं आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत कार्रवाई की है। सभी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित कर आगे की जांच जारी है, अन्य खातों और अंतर्राष्ट्रीय लिंक की भी पड़ताल की जा रही है।
फेसबुक दोस्ती से क्रिप्टोठगी कानपुर में2करोड़50लाख अंतर्राष्ट्रीयसाइबर ठगी गिरफ्तार