कानपुर मेट्रो स्टाफ ने वर्ष 2025 में अपनी निष्ठा और ईमानदारी का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। वर्षभर में 7 लैपटॉप, 40 मोबाइल फोन और लगभग ₹12,000 नकद यात्रियों को सुरक्षित लौटाए गए। इसके साथ ही, यात्रा के दौरान परिजनों से बिछड़े पांच बच्चों को भी सुरक्षित उनके परिवारों से मिलाया गया।
28 और 31 दिसंबर को कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों के छूटे बैग सुरक्षित लौटाए गए। स्टेशन स्टाफ ने बैग मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच की और यात्री की पहचान सुनिश्चित करने के बाद सामान को सुरक्षित सौंपा। यात्रियों ने मेट्रो स्टाफ की तत्परता और ईमानदारी की सराहना की।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने कहा कि कानपुर मेट्रो की टीम हर परिस्थिति में यात्रियों की सहायता के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती है। सेवा भाव और ईमानदारी यूपीएमआरसी की प्रशिक्षण प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा हैं। उनका उद्देश्य शहर को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन प्रदान करना है।
साल 2025 के अंतिम दिन बड़े चौराहा मेट्रो स्टेशन पर महान संत कवि कबीरदास के दोहों की संगीतमय प्रस्तुति हुई। गीतानुरागी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने अपने भावपूर्ण गायन और संदेशपूर्ण प्रस्तुति से यात्रियों का मन मोह लिया। नवीन मार्केट मेट्रो स्टेशन पर गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज, चुन्नीगंज की छात्राओं द्वारा बनाई गई रंगोली ने नववर्ष का रंगारंग स्वागत किया। रंगोली में कानपुर मेट्रो को केंद्र में रखते हुए शहर में सार्वजनिक परिवहन के बदलते स्वरूप को रेखांकित किया गया। छात्राओं को इस अवसर पर मेट्रो की सुविधाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गई। कानपुर मेट्रो की यह पहल न केवल यात्रियों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद अनुभव सुनिश्चित करती है, बल्कि शहर में ईमानदारी और सेवा भाव का प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।
कानपुर मेट्रो स्टाफ ने ईमानदारी से लौटाया सामान, नववर्ष पर कबीरदास और रंगोली से स्वागत