कानपुर।
कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने वर्षों से लंबित भूखंड विवादों के निस्तारण में बड़ी सफलता हासिल करते हुए सैकड़ों आवंटियों को उनका अधिकार दिलाया है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ग्याल एवं सचिव अभय पाण्डेय के निर्देशों के क्रम में विशेष कार्याधिकारी मीनाक्षी गुप्ता के नेतृत्व में गठित टीम ने मात्र चार माह के भीतर पांच वर्ष से अधिक पुराने जटिल भूखंड विवादों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया है।
29 दिसंबर 2025 का दिन रामगंगा इन्क्लेव (लॉन्च 2016) और महावीर नगर विस्तार योजना पार्ट-2 (लॉन्च 2020) के आवंटियों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। लंबे समय से अपने भूखंड के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे आवंटियों के चेहरों पर उस समय खुशी लौट आई, जब वर्षों से फाइलों में दबे उनके विवादों का समाधान कर उन्हें वैकल्पिक भूखंड आवंटित किए गए।
विशेष कार्याधिकारी मीनाक्षी गुप्ता ने प्राधिकरण में पदभार ग्रहण करने के बाद लंबित मामलों को प्राथमिकता पर लेते हुए व्यक्तिगत रुचि से कार्यवाही प्रारंभ की। वर्ष 2016 और 2020 से लंबित मामलों की गहन जांच कर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत निस्तारण किया गया। जिन प्रकरणों में आवश्यक था, वहां पूरी पारदर्शिता के साथ लॉटरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
महावीर नगर विस्तार योजना पार्ट-2 (लॉन्च 2020) के अंतर्गत कुल 877 भूखंडों में से 102 विवादित भूखंडों का निस्तारण किया गया। इनमें ब्लॉक-ए के 52, ब्लॉक-बी के 2 तथा ब्लॉक-सी के 48 भूखंड शामिल हैं। सभी प्रभावित आवंटियों को वैकल्पिक भूखंड आवंटित कर दिए गए हैं।
वहीं रामगंगा इन्क्लेव योजना (लॉन्च 2016) के अंतर्गत 22 विवादित ईडब्ल्यूएस भूखंडों का भी सफल निस्तारण किया गया। प्राधिकरण ने विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए यह सुनिश्चित किया कि जिन आवंटियों के पास पूर्व में कॉर्नर भूखंड थे, उन्हें पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से पुनः कॉर्नर भूखंड ही आवंटित किए जाएं।इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी मीनाक्षी गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2016 और 2020 से लंबित विवादों को मात्र चार माह में समाप्त करना पूरी टीम की कड़ी मेहनत और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि केडीए का उद्देश्य आवंटियों को बिना किसी परेशानी के उनका हक दिलाना है।
इस निस्तारण प्रक्रिया में जोन-2 के बलराम (अनुसचिव), अखिलेश मिश्रा (लेखाकार), योजना लिपिक राम केशव, शोभित, अमित, रुचि, सुरेश सहित अन्य कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वर्षों पुराने मामलों के त्वरित और पारदर्शी समाधान से शहर के नागरिकों में कानपुर विकास प्राधिकरण के प्रति विश्वास बढ़ा है और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को लेकर सकारात्मक संदेश गया है।
KDA ने सुलझाए वर्षों पुराने भूखंड विवाद, आवंटियों को मिली राहत