मनीष गुप्ता
कानपुर
बाराबंकी के हैदरगंज निवासी 52 वर्षीय महिला राज कुमारी का अत्यंत जटिल गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) ऑपरेशन रमेश हॉस्पिटल, रघुवीर नगर, सरसौल रोड, एक्सिस कॉलेज के पास, रूमा में सफलतापूर्वक किया गया। मरीज़ का वजन लगभग 130 किलोग्राम था और उन्हें गॉल ब्लैडर में पथरी के साथ-साथ सांस लेने में गंभीर परेशानी एवं अत्यधिक मोटापे की समस्या भी थी, जिससे यह सर्जरी चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही थी।
परिजनों के अनुसार, मरीज़ को इससे पूर्व लखनऊ और कानपुर के कई बड़े अस्पतालों में दिखाया गया, जहां करीब तीन माह तक ऑब्ज़र्वेशन और 7 से 10 लाख रुपये तक के संभावित खर्च की जानकारी दी गई थी। इसके बाद परिजन मरीज़ को रमेश हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां कंसल्टेंट डॉ. अंकुर सचान (एम.डी.) की देखरेख में समुचित उपचार योजना तैयार की गई।
यह जटिल सर्जरी वरिष्ठ सर्जन डॉ. के. के. सिंह (एम.एस.) द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई। एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. पवन पटेल ने संभाली, जबकि ऑपरेशन के दौरान असिस्टेंट शिवा शर्मा ने सहयोग प्रदान किया।
ऑपरेशन के बाद मरीज़ को आईसीयू में रखा गया, जहां उनकी निरंतर निगरानी की गई। मरीज़ की दैनिक चिकित्सकीय देखरेख ड्यूटी डॉक्टर डॉ. नासिर हुसैन एवं डॉ. मिलन प्रताप सिंह द्वारा की गई। वर्तमान में मरीज़ की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।
वरिष्ठ सर्जन डॉ. के. के. सिंह ने बताया कि अत्यधिक वजन और श्वसन संबंधी समस्या के कारण यह ऑपरेशन तकनीकी रूप से काफी कठिन था, लेकिन सटीक योजना, अनुभवी टीम और बेहतर समन्वय के चलते सर्जरी सफल रही।
वहीं अस्पताल निदेशक डॉ. यू. के. यादव ने कहा कि रमेश हॉस्पिटल में अनुभवी चिकित्सकों की टीम एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिसके कारण इस प्रकार के जटिल ऑपरेशन भी सुरक्षित रूप से संभव हो पाते हैं।