संवाददाता मनीष गुप्ता
कानपुर में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े दो गंभीर मामलों में कार्रवाई सामने आई है। मछरिया स्थित एक निजी अस्पताल में अप्रशिक्षित महिला द्वारा अवैध गर्भपात किए जाने की शिकायत मिली, जबकि गल्ला मंडी के निकट एक अस्पताल की ओटी सील कर दी गई। दोनों मामलों में अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया गया।
उधर, श्यामनगर बाईपास स्थित आई हॉस्पिटल पर उन्नाव जिले के बन्धर गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल संचालक ने “फ्री इलाज” का प्रचार कर नेत्र परीक्षण शिविर लगाया, लेकिन मरीजों से प्रत्येक ₹9,000 वसूला गया। ऑपरेशन के बाद मरीजों को निजी घर में रातभर रखा गया और दवाइयों के नाम पर अतिरिक्त रकम ली गई। पूरे समूह से लगभग ₹90,000 की वसूली की गई। ग्रामीणों का कहना है कि पाँच मरीजों की आंखों की रोशनी कमजोर हो गई, शिकायत करने पर अस्पताल ने केवल ड्रॉप की शीशी देकर धमकी दी। शुक्लागंज स्थित शाखा में भी खुलासे हुए, जहां अस्पताल ने दावा किया कि उच्च पदाधिकारियों और अधिकारियों के साथ संबंधों के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से न्यायिक मजिस्ट्रेट से निष्पक्ष जांच, अस्पताल की एनओसी और मानकों की जांच, अस्पताल को सील करने, वसूली की रकम वापस कराने और प्रभावित मरीजों का सही इलाज सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही आयुष्मान विभाग में प्राइवेट कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। आरोप है कि कुछ प्राइवेट कर्मचारी अस्पतालों से वसूली करते हैं और विभागीय अधिकारियों पर दबाव डालते हैं, जिससे पूरे सिस्टम की छवि प्रभावित हो रही है।
निजी अस्पतालों में अवैध गर्भपात और आयुष्मान कार्ड मरीजों से वसूली, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप