मनीष गुप्ता, कानपुर।
बिधनू सीएचसी का ₹25,000 वसूली मामला अब विभाग की फाइलों से निकलकर जवाब के दरवाज़े पर पहुँच गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों को तीन दिन में सफाई देने के आदेश जारी किए हैं।
अवधि सोमवार को पूरी हो रही है, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हलचल तेज़ है।
🔸 पत्र से मचा हड़कंप
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. यू.बी. सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर प्रसारित रिपोर्ट के अनुसार
बिधनू क्षेत्र में झोलाछाप कार्रवाई और क्लिनिक सीलिंग के नाम पर अवैध धन वसूली की शिकायतें मिली हैं।”
पत्र में यह भी उल्लेख है कि यदि किसी अधिकारी ने इस तरह की कार्रवाई में धन लिया है, तो तीन दिन में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें, अन्यथा मामला उच्च स्तर पर भेजा जाएगा।
🔸 ‘क्लीनिंग टीम’ अब सफाई मोड में
पत्र जारी होते ही विभाग में खलबली मच गई।
जो अफसर कुछ दिन पहले क्लिनिक सील करने की मुहिम चला रहे थे, अब स्पष्टीकरण ड्राफ्ट तैयार करने में जुटे हैं।
जांच टीम जब बयान लेने पहुँची, तो किसी ने कहा —
सूचना
डॉक्टरों ने सहयोग राशि दी थी।”
दूसरे ने सफाई दी —
“वो रकम नहीं, भावनात्मक योगदान था।”
🔸 विजिलेंस ने भी बढ़ाई नज़रें
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, मामला अब सिर्फ सीएमओ स्तर पर नहीं रुका है।
विजिलेंस यूनिट ने भी क्लिनिक संचालक के बयान और वायरल ऑडियो क्लिप की जांच शुरू कर दी है।
सूत्र बताते हैं कि कई अफसरों से अनौपचारिक पूछताछ की जा चुकी है।
🔸 मामला ऊपर तक पहुँचा
सीएमओ ऑफिस से भेजे गए पत्र की प्रति जिलाधिकारी और मंडल निदेशक को भी दी गई है, जिससे साफ है कि विभाग इस बार औपचारिक कार्रवाई के मूड में है।
महकमे के भीतर चर्चा है —
अब सफाई से ज़्यादा जवाब की कद्र होगी।
🔸 सोमवार पर टिकी नज़रें
अब सबकी नज़रें सोमवार पर हैं — जब जवाबों की फाइलें सीएमओ ऑफिस पहुंचेगी।
देखना यह है कि विभाग को सफाई मिलती है या कोई नई जांच की दस्तक सुनाई देती है।