छात्राओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, श्रेष्ठ प्रतिभागियों को मिलेगा सम्मान
मनीष गुप्ता
कानपुर,
जुहारी देवी गर्ल्स पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग द्वारा हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत पहली बार स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को रचनात्मकता के प्रति प्रेरित करना, भाषाई कौशल का विकास करना, आत्मविश्वास बढ़ाना और विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना रहा।
हिंदी विभाग की प्रभारी प्रो. अलका द्विवेदी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए स्लोगन लेखन के अस्तित्व एवं महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का प्रमुख उद्देश्य छात्राओं का सर्वांगीण विकास करना और उनकी लेखन प्रतिभा को उभारना है।
प्रतियोगिता का विषय रहा —
1. हिंदी हमारी मातृभाषा, हमारी पहचान
2. हिंदी और युवा पीढ़ी की भूमिका
कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रंजू कुशवाहा ने छात्राओं को आशीर्वचन देते हुए हिंदी विभाग को इस आयोजन के लिए बधाई दी।
प्रतियोगिता में लगभग 60 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। निर्णायक मंडल में डॉ. ज्योतिर्मयी त्रिपाठी, प्रो. ज्योति अग्निहोत्री और डॉ. कल्पना गौड़ शामिल रहीं। सभी छात्राओं के स्लोगन निर्णायक मंडल को प्रस्तुत किए गए, जिनमें से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
आयोजन समिति में हिंदी विभाग की आरती कुमारी तथा अन्य विभागों से डॉ. शालिनी यादव, रेनू, डॉ. ऋचा सक्सेना, डॉ. रुचि कटियार, प्रतिमा सिंह और डॉ. सारिका अवस्थी का विशेष सहयोग रहा। चित्रकला विभाग की सहायक आचार्य डॉ. कल्पना गौड़ ने मंच सज्जा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हिंदी विभाग की शोध छात्राओं रिंकी यादव, अलका यादव और निशा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिकाएं प्रो. निशा अग्रवाल, प्रो. ज्ञान प्रभा अग्रवाल, प्रो. सुनीता द्विवेदी, प्रो. अर्चना दीक्षित, प्रो. अल्पना राय, प्रो. शालिनी अग्रवाल, डॉ. आकांक्षा गुप्ता और डॉ. पूनम देवी भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का सफल संचालन हिंदी विभाग की सहायक आचार्य आरती कुमारी ने किया।