समीर मिश्रा
कानपुर। रतनपुर 142/1550 ई०डब्ल्यू०एस० की निवासी निशा गुप्ता और उनका परिवार बीते 20 वर्षों से अपने मकान की रजिस्ट्री करवाने के लिए संघर्ष कर रहा है। बुधवार को निशा गुप्ता ने आईरा प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर इस मामले की पूरी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उनके पिता, स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद, ने वर्ष 1999 में ग्राम गायघाट, पोस्ट बस्ती (जिला बस्ती) निवासी रामू यादव पुत्र छोटे लाल यादव से मकान खरीदा था। खरीद के दस्तावेज उनके पास सुरक्षित हैं। परिवार ने के०डी०ए० को मकान का बकाया पैसा किस्तों में जमा किया।
लेकिन हाल ही में दो अज्ञात लोगों ने खुद को रामू यादव के बेटे और बेटी बताकर मकान की रजिस्ट्री कुख्यात दबंग भूमाफिया मक्कू ठाकुर के नाम करवा दी। निशा ने बताया कि मक्कू ठाकुर इलाके में फर्जी दस्तावेज बनाकर मकानों पर कब्जा कर बेचने का काम करता है।
कानपुर विकास प्राधिकरण (के०डी०ए०) ने मक्कू ठाकुर पर मुकदमा संख्या 20/2023 दर्ज किया। इसके बाद उनके और सहयोगियों के खिलाफ भी कई मामले दर्ज किए गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मक्कू ठाकुर और कुछ भ्रष्ट अधिकारी मिलकर उनके मकान पर कब्जा जमाना चाहते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में निशा गुप्ता ने उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई कि मक्कू ठाकुर और उसके सहयोगियों की संपत्ति की जांच की जाए, ताकि यह पता चल सके कि उनके पास इतनी संपत्ति कहां से आई और उन्होंने किन मकानों पर कब्जा किया।
पीड़ित परिवार ने यह भी बताया कि मक्कू ठाकुर और उसके सहयोगी अक्सर खाली मकानों के दस्तावेज निकालवाकर, फर्जी कागजात बनाकर उन पर कब्जा करते हैं। निशा गुप्ता का कहना है कि अगर उच्च अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच की गई तो पूरा सच सामने आ जाएगा।