कानपुर। कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के अंडरग्राउंड सेक्शन में टनल निर्माण कार्य में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। टीबीएम मशीन ‘पार्वती’ ने रावतपुर से काकादेव तक लगभग 780 मीटर लंबे ‘डाउन-लाइन टनल’ का निर्माण पूरा किया। यह सफलता परियोजना की गति और गुणवत्ता दोनों का परिचायक है।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने आज निर्माणाधीन स्टेशनों का निरीक्षण किया और कहा कि कानपुर मेट्रो की टीम समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर-1 के बैलेंस सेक्शन और कॉरिडोर-2 दोनों में निर्माण कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। बारादेवी-नौबस्ता एलिवेटेड सेक्शन पर भी स्टेशन और ट्रैक निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।
कॉरिडोर-2 की लंबाई लगभग 8.60 किमी है, जिसमें अंडरग्राउंड हिस्सा प्रमुख है। इस अंडरग्राउंड सेक्शन में रावतपुर से कंपनी बाग चौराहा तक 620 मीटर लंबी अपलाइन और डाउनलाइन टनल का निर्माण जून 2025 में पूरा किया जा चुका था। अब रावतपुर से काकादेव तक ‘डाउनलाइन टनल’ पूरा होने के बाद टीबीएम मशीन आगे ड्रैगिंग प्रक्रिया द्वारा डबल पुलिया तक टनल निर्माण करेगी।
सुशील कुमार ने कहा कि ‘पार्वती’ टीबीएम मशीन द्वारा रावतपुर से काकादेव तक टनल निर्माण का पूरा होना एक अहम मील का पत्थर है। इससे न केवल निर्माण की गति बढ़ी है, बल्कि परियोजना समयबद्ध रूप से आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों कॉरिडोरों पर निर्माण कार्य इसी गति से जारी रहेगा और जल्द ही पूरे शहर में मेट्रो से निर्बाध यात्रा संभव होगी।
आज निरीक्षण के दौरान निदेशक/वर्क्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सी.पी. सिंह, निदेशक/रोलिंग स्टॉक नवीन कुमार, निदेशक/ऑपरेशन प्रशांत मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बता दें कि कॉरिडोर-1 की कुल लंबाई लगभग 24 किमी है, जिसमें आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक लगभग 16 किमी की यात्री सेवाएं चल रही हैं। कॉरिडोर-1 के बैलेंस सेक्शन और कॉरिडोर-2 का सिविल निर्माण कार्य योजनाबद्ध ढंग से तेजी से आगे बढ़ रहा है।