संजय शुक्ला,मनीष गुप्ता
कानपुर। नगर निगम की लापरवाही का एक और उदाहरण सामने आया है। मोतीझील स्थित कारगिल पार्क के सामने जनता के लिए बनाया गया सेल्फी प्वाइंट अब कबाड़खाने में तब्दील हो चुका है। जिस जगह पर लोग आकर्षण और यादें संजोने आते थे, वहां अब टूट-फूट और गंदगी का आलम है। विडंबना यह है कि यह बदहाली नगर निगम के मुहाने पर ही मौजूद है, लेकिन किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर इस ओर नहीं पड़ती। दीपक तले अंधेरा की कहावत यहां बिल्कुल सटीक बैठती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम और पार्क विभाग के अधिकारी रोजाना यहां से गुजरते हैं, फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता। बाल उद्यान अधिकारी कागजों पर सभी पार्क और ग्रीन बेल्ट दुरुस्त बताते हैं, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।शहरवासियों का सवाल है कि जब शहर की मुख्य सड़कों और पार्कों के सामने बने ढांचे ही ऐसी दुर्दशा झेल रहे हैं, तो बाकी इलाकों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। आखिर जनता के पैसे से बनाए गए ऐसे प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी कौन लेगा।
दीपक तले अंधेरा: नगर निगम के मुहाने पर सेल्फी प्वाइंट की बर्बादी