गुंजन टॉकीज के सामने हुई घटना, सीसीटीवी में कैद संदिग्ध की तलाश तेज
कानपुर। रायपुरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत गुंजन टॉकीज के सामने स्थित लगभग 40 वर्ष पुराने श्री हनुमान मंदिर में मंगलवार सुबह एक बड़ी घटना सामने आई। अराजक तत्वों ने भगवान हनुमान की मूर्ति को खंडित कर दिया। सुबह जब मंदिर के पुजारी विजय त्रिवेदी पूजा के लिए पहुंचे तो मूर्ति टूटी हुई देख उनका दिल दहल गया। मूर्ति के पास एक ईंट पड़ी हुई थी, जिससे अंदेशा है कि इसी से मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया गया।
घटना से फैला आक्रोश
मूर्ति खंडित होने की सूचना मिलते ही आसपास के श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौके पर एकत्रित हो गए। देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। सूचना पर क्षेत्रीय पार्षद गुड़िया मिश्रा के बेटे अंकित मिश्रा और रायपुरवा इंस्पेक्टर संतोष गौड़ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और तत्काल जांच के आदेश दिए।
सीसीटीवी में कैद संदिग्ध
डीसीपी सेंट्रल ने मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में मंदिर से करीब 100 मीटर दूरी पर एक संदिग्ध व्यक्ति फुटेज में नजर आया है। मंदिर के पुजारी ने पुलिस को बताया कि मंदिर के पास अक्सर एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति भी घूमता रहता है, जिससे पुलिस ने पूछताछ की संभावना जताई है।
मूर्ति की पुनः स्थापना
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मिलकर नई मूर्ति लाने का निर्णय लिया। क्षेत्रीय पार्षद और श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर में नई मूर्ति लाकर प्राण-प्रतिष्ठा की गई, ताकि भक्तों की आस्था को ठेस न पहुंचे। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और “जय श्री राम” तथा “हनुमान जी महाराज की जय” के जयकारे गूंजते रहे।
पुलिस का बयान
पुलिस उपायुक्त सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने बताया, “थाना रायपुरवा क्षेत्र स्थित पीपल के पेड़ के पास हनुमान मंदिर की मूर्ति को किसी असामाजिक तत्व ने क्षतिग्रस्त किया है। स्थानीय लोगों और सम्मानित व्यक्तियों के सहयोग से नई मूर्ति की स्थापना की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है और शीघ्र गिरफ्तारी के लिए टीमें सक्रिय हैं। मौके पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।”
श्रद्धालुओं की मांग
स्थानीय श्रद्धालुओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक स्थल और आस्था के प्रतीक के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।