उर्सला, केपीएम सहित कई सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों से लिए गए दवाओं के सैंपल फेल
कानपुर-कानपुर के अस्पतालों में घटिया दवाओं और इंजेक्शन की सप्लाई का खुलासा हुआ है यह दवाएं निजी और सरकारी दोनों अस्पतालों से मरीजों को दी जा रही थीं इनमें उर्सला, जेके कैंसर और केपीएम सरकारी अस्पताल शामिल हैं मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली ये सात कंपनियां मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की हैं सैंपल फेल होने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने कंपनियों के खिलाफ मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट की कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है फेल सैंपलों में एंटीबायोटिक, एंटी एलर्जिक, बुखार और एसिडिटी की दवाएं और इंजेक्शन हैं जांच में इनमें दर्ज मात्रा की तुलना में साल्ट आधा भी नहीं मिला सभी सैंपल अधोमानक पाए गए हैं ड्रग इंस्पेक्टर ओम पाल सिंह और रेखा सचान की टीम ने केस दर्ज कराया है सैंपल अक्तूबर में लिए गए थे और मुकदमा रिपोर्ट आने के बाद दर्ज कराया गया है
इन दवाओं के सैंपल फेल : जेके कैंसर, उर्सला और केपीएम अस्पताल में एमोक्सिसिलिन और पोटेशियम क्लैवुलनेट इन्जेक्शन व टेबलेट, मेसर्स हनुमंत कृपा मेडिकल एंड सर्जिकल कल्याणपुर में टेम्सनिर टेबलेट, विष्णुपुरी स्थित रैनबो मेडी क्लीनिक प्राइवेट लिमिटेड के सेफिक्सिम लैक्टिक एसिड बैसिलस टेबलेट और मेसर्स मां उमा फार्मा शॉप नंबर दो बिरहाना रोड में पैरासिटामॉल टेबलेट के सैंपल फेल हुए
इन कंपनियों के खिलाफ हुआ मुकदमा : मॉडर्न लेबोरेट्रीज इंडस्ट्रियल एरिया इंदौर, केपनिक फार्मास्युटिकल्स सोलन, सेलेब्रेटी बायोफार्मा लिमिटेड सोलन, मैक्समेड लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड रुद्रपुर उत्तराखंड, बजाज फार्मास्युटिकल रुड़की हरिद्वार, हेल्थ बायोटेक लिमिटेड सोलन और एएनजी लाइफ साइंस इंडिया लिमिटेड बद्दी सोलन
18 दवाएं मिलीं थीं नकली : पिछले साल औषधि विभाग की ओर से जनवरी से अक्तूबर तक चली छापेमारी में लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट में 18 नकली, 23 अधोमानक और दो मिस ब्रांड दवाएं मिली थी