भाजपा पिछड़ा मोर्चा प्रदेश के सभी 98 संगठनात्मक जिलों में मनाएगा जयंती, प्रकाश पाल ने बैठक में बनाई रणनीति
कानपुर। भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा मोर्चा की ओर से लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को प्रदेश के सभी 98 संगठनात्मक जिलों में भव्यता के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण में योगदान, राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस संबंध में लखनऊ स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। बैठक में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य प्रकाश पाल ने कार्यकर्ताओं से जयंती समारोह को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने का आह्वान किया।
प्रकाश पाल ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का व्यक्तित्व और कृतित्व देश की एकता, अखंडता और मजबूत राष्ट्र निर्माण का प्रतीक है। स्वतंत्रता के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, कुशल प्रशासनिक क्षमता और दूरदर्शिता से भारत को एकजुट करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी कारण उन्हें लौहपुरुष के नाम से जाना जाता है। उनका जीवन आज भी देश की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों के चलते सरदार पटेल के योगदान को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के नेतृत्व को लेकर हुए घटनाक्रम में सरदार पटेल की भूमिका और उनके योगदान पर जिस तरह चर्चा होनी चाहिए थी, वैसा सम्मान उन्हें नहीं मिला। प्रकाश पाल ने कहा कि सरदार पटेल का कद उनके राष्ट्रनिर्माण के कार्यों से तय होता है। देश को एक सूत्र में बांधने और राष्ट्रीय एकता की मजबूत नींव रखने में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।
‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ से मिला वैश्विक सम्मान
प्रकाश पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ स्थापित कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया। विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा के रूप में स्थापित यह स्मारक देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रगौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रनिर्माताओं के प्रति सम्मान और उनकी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के संकल्प का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने कठिन परिस्थितियों में देश को एकजुट करने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनकी राजनीतिक दूरदर्शिता और प्रशासनिक दृढ़ता ने स्वतंत्र भारत की नींव को मजबूत बनाया। आज उनकी विरासत हमें यह संदेश देती है कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है और देश की एकता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस के इतिहास पर साधा निशाना
भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरदार पटेल के साथ किए गए राजनीतिक व्यवहार से लेकर आपातकाल तक कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के राजनीतिक संघर्ष का उल्लेख करते हुए भी कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाए। प्रकाश पाल ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात करने वाले राजनीतिक दलों को अपने अतीत की घटनाओं का भी निष्पक्ष आकलन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने देश के महापुरुषों और राष्ट्रनिर्माताओं के योगदान को सम्मान देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
98 जिलों में पहुंचाया जाएगा एकता का संदेश
प्रकाश पाल ने बताया कि 31 अक्टूबर को प्रदेश के सभी 98 संगठनात्मक जिलों में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के कार्यकर्ता सरदार पटेल की जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को उनके जीवन, संघर्ष, राष्ट्रनिर्माण में योगदान तथा देश की एकता और अखंडता के महत्व से परिचित कराया जाएगा। साथ ही सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकजुटता और मजबूत भारत के निर्माण का संदेश भी दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की जयंती केवल एक महान नेता को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि देश की एकता और अखंडता के प्रति अपने संकल्प को दोहराने का दिन भी है। भाजपा पिछड़ा मोर्चा इस आयोजन के माध्यम से सरदार पटेल के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ने का प्रयास करेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए पूरी सक्रियता से जुटें और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करें।