कानपुर। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से सोमवार को शहर का कोना-कोना गूंज उठा। गणेश महोत्सव के पहले दिन घरों से लेकर मंदिरों तक बप्पा के स्वागत की धूम रही। कहीं ढोल-नगाड़ों के बीच गणेश प्रतिमाएं घरों तक पहुंचीं तो कहीं फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से सजे मंदिरों में कलश यात्रा निकाली गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की। गणेश महोत्सव की तैयारियां रविवार से ही शुरू हो गई थीं। श्रद्धालु गणेश प्रतिमाएं लेकर अपने घरों और मंदिरों में पहुंचे। सोमवार सुबह मंदिरों में विशेष सजावट की गई। फूलों, रंग-बिरंगी झालरों और आकर्षक विद्युत सज्जा से मंदिरों की छटा देखते ही बनी। सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पूजा-अर्चना और गणपति के जयकारों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
बाबा ओंकारेश्वर मंदिर में निकली कलश यात्रा
कैंट के फेथफुलगंज स्थित बाबा ओंकारेश्वर मंदिर में हर वर्ष की भांति इस बार भी गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। सुबह श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा निकाली। इसके बाद पंडितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश का पूजन किया गया।
श्रद्धालुओं ने दूर्वा, फूल-माला, मोदक और फल अर्पित कर विघ्नहर्ता का आशीर्वाद लिया। विधि-विधान से गणेश प्रतिमा की स्थापना के बाद सामूहिक आरती हुई। घंटियों की गूंज और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और शहर की खुशहाली की कामना की।
घरों में भी गूंजे गणपति बप्पा के जयकारे
शहर के विभिन्न मोहल्लों में भी गणेश महोत्सव को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच गणेश प्रतिमाएं लेकर अपने घर पहुंचे। घरों में पूजा स्थल को सजाकर भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह रहा। परिवार के सदस्यों ने एक साथ पूजा-अर्चना कर महोत्सव की शुरुआत की और एक-दूसरे को गणेश महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। पहले दिन शहर में भक्ति, उल्लास और उत्सव का माहौल बना रहा।