कल से शुरू हो रहे गणेश महोत्सव में भक्तों से पीतल की मूर्ति लाने की अपील, दस दिन पूजा के बाद घर में ही विराजमान रहेंगे बप्पा
कानपुर। कल से गणेश महोत्सव की शुरुआत हो रही है। भगवान गणेश के स्वागत की तैयारियों के बीच गंगा की स्वच्छता को लेकर भी एक पहल की जा रही है। पीओपी और केमिकल रंगों से बनी मूर्तियों के विसर्जन से होने वाले जल प्रदूषण को देखते हुए इस बार पीतल के गणपति घर लाकर पूजा-अर्चना करने का निर्णय लिया गया है।इस पहल का उद्देश्य आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है। दस दिनों तक भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने के बाद पीतल की मूर्ति को गंगा जी में स्नान कराकर वापस घर लाया जाएगा। इससे मूर्ति का विसर्जन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और बप्पा घर में ही विराजमान रहेंगे। पहल करने वालों का कहना है कि गणेश महोत्सव केवल उत्सव ही नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है। पीतल की मूर्ति को हर वर्ष पूजा में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे विसर्जन के समय होने वाले बिछोह का दुख भी नहीं रहेगा।
भक्तों से अपील
गणेश महोत्सव के अवसर पर लोगों से अपील की जा रही है कि वे पीओपी और केमिकल रंगों से बनी मूर्तियों के बजाय पीतल के गणपति घर लाएं। दस दिनों तक श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करें और बाद में गंगा जी में स्नान कराकर मूर्ति को वापस घर ले आएं। बप्पा की भक्ति भी, गंगा की स्वच्छता भी। इस गणेश महोत्सव में पीतल के गणपति अपनाएं और गंगा को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें।