कानपुर। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित पनकी धाम रेलवे स्टेशन अब आधुनिक रेल सुविधाओं और धार्मिक आस्था का नया केंद्र बनकर उभरा है। द्वि-मंजिला स्टेशन भवन, अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं, लिफ्ट, रैंप, विशाल प्रतीक्षालय, एक्जीक्यूटिव लाउंज, आधुनिक टिकटिंग क्षेत्र और बेहतर यात्री सूचना प्रणाली से स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। वर्ष 1981 में स्थापित पनकी धाम रेलवे स्टेशन का निर्माण कानपुर सेंट्रल पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने के उद्देश्य से किया गया था। समय के साथ औद्योगिक विकास और पंचमुखी श्री हनुमान मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या ने इसे शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल कर दिया। पुनर्विकास के तहत 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज, 6 मीटर का अतिरिक्त एफओबी, लिफ्ट, रैंप, आधुनिक शौचालय, विस्तारित प्लेटफॉर्म शेल्टर, बेहतर पेयजल व्यवस्था और लगभग 4500 वर्गमीटर में विकसित सर्कुलेटिंग एरिया तैयार किया गया है। स्टेशन परिसर में अलग प्रवेश-निकास मार्ग, पार्किंग और हरित क्षेत्र भी विकसित किए गए हैं। स्टेशन की वास्तुकला में पनकी धाम की धार्मिक पहचान को विशेष स्थान दिया गया है। भवन का डिजाइन और रंग-रूप स्थानीय संस्कृति तथा भगवान हनुमान की भक्ति परंपरा को दर्शाता है। इससे यहां आने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं को कानपुर की सांस्कृतिक विरासत की झलक मिलती है। पनकी धाम स्थित पंचमुखी श्री हनुमान मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है, जहां प्रत्येक मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती पर हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहीं, पनकी क्षेत्र तापीय विद्युत परियोजना, औद्योगिक इकाइयों और व्यापारिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र है। ऐसे में आधुनिक रेलवे स्टेशन धार्मिक पर्यटन, उद्योग, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। उत्तर प्रदेश में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे 156 स्टेशनों में शामिल पनकी धाम रेलवे स्टेशन अब केवल एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि कानपुर की नई पहचान और विकास का प्रतीक बनकर सामने आया है।
पनकी धाम रेलवे स्टेशन बना हाईटेक, आस्था और विकास का नया केंद्र