कानपुर। जनपद में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पात्र गर्भवती महिलाओं को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 15 जून 2026 से 15 जुलाई 2026 तक विशेष पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित कर उन्हें योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता तथा पोषण संबंधी सुविधाओं से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से इस अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में संचालित इस विशेष अभियान के अंतर्गत जनपद के सभी विकासखंडों और शहरी क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गर्भवती महिलाओं तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए घर-घर संपर्क अभियान चलाया जाए और अधिक से अधिक पात्र महिलाओं का पंजीकरण कराया जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति सिन्हा ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ एवं शिशु कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को उचित पोषण, स्वास्थ्य जांच और देखभाल उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह विशेष पंजीकरण अभियान संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान जनपद की सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर पात्र महिलाओं की पहचान करेंगी और उनका पंजीकरण कराएंगी। साथ ही महिलाओं और उनके परिवारों को योजना के लाभ एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी भी दी जाएगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार भारत सरकार द्वारा इस विशेष अभियान के लिए जनपद को कुल 1403 पंजीकरणों का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिदिन औसतन 47 पंजीकरण सुनिश्चित किए जाने हैं। प्रत्येक परियोजना को प्रतिदिन लगभग चार पंजीकरण कराने का लक्ष्य सौंपा गया है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और अभियान की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के लिए पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। योजना के अंतर्गत पहली किस्त के रूप में 3,000 रुपये की सहायता राशि गर्भावस्था के पंजीकरण तथा निर्धारित समय के भीतर प्रसव पूर्व जांच पूरी कराने पर प्रदान की जाती है। इसके बाद दूसरी किस्त के रूप में 2,000 रुपये बच्चे के जन्म का पंजीकरण कराने तथा निर्धारित आयु तक आवश्यक टीकाकरण पूर्ण होने पर दिए जाते हैं।
इसके अतिरिक्त योजना में दूसरी जीवित संतान बालिका होने पर भी विशेष प्रावधान किया गया है। ऐसी स्थिति में लाभार्थी महिला को 6,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना ही नहीं बल्कि महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को सुनिश्चित करना भी है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति सिन्हा ने जनसामान्य से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास कोई पात्र गर्भवती महिला निवास करती है तो उसे निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि समय पर पंजीकरण कराने से महिलाओं को योजना का पूरा लाभ मिल सकेगा और गर्भावस्था के दौरान आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं भी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए समाज की सहभागिता बेहद जरूरी है। यदि सभी लोग जागरूक होकर गर्भवती महिलाओं को योजना से जोड़ने में सहयोग करें, तो मातृ मृत्यु दर और कुपोषण जैसी समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। प्रशासन का मानना है कि यह विशेष अभियान जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण और आर्थिक सहायता से जोड़कर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
मातृ वंदना योजना का विशेष अभियान शुरू