कानपुर। थाना साइबर क्राइम, कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस ने देशव्यापी स्तर पर फैले ₹2.52 करोड़ के हाईटेक क्रिप्टो निवेश घोटाले का पर्दाफाश करते हुए एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बिजनौर से पकड़े गए आरोपी के बैंक खाते में ठगी की करीब ₹45 लाख की रकम ट्रांसफर होने की पुष्टि की है।
पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध के निर्देशन में हुई कार्रवाई में साइबर थाना पुलिस ने बताया कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों से संपर्क कर उन्हें क्रिप्टो करेंसी में निवेश पर कम समय में भारी मुनाफे का लालच देते थे।
विश्वास जीतने के लिए गिरोह पीड़ितों को फर्जी क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म का लिंक भेजता था, जहां नकली तरीके से बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता था। झांसे में आने के बाद लोग अपनी रकम आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर देते थे।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि ठगी की रकम को कानूनी एजेंसियों से बचाने के लिए विभिन्न फर्जी और किराए के बैंक खातों में घुमाया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खाते में अकेले ₹45 लाख की ट्रांजैक्शन ट्रेल मिली है, जिसे उसने आगे ट्रांसफर किया था।
साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि इस सिंडिकेट से जुड़े तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। तकनीकी और वित्तीय जांच के आधार पर अब चौथे आरोपी को पकड़ा गया है। पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट्स और बैंक खातों के लेन-देन की गहन जांच कर रही है।
पुलिस का मानना है कि गिरोह के तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं और जल्द ही अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप पर मिलने वाले ‘क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट’ और ‘घर बैठे कमाई’ जैसे लालच में न आएं तथा किसी भी प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।
कानपुर साइबर सेल का बड़ा खुलासा, ₹2.52 करोड़ की क्रिप्टो ठगी का भंडाफोड़