कानपुर।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को जल जीवन मिशन के अंतर्गत बौढ़नपुर-चौधरीपुर में निर्मित ओवरहेड पानी की टंकी का स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति और संचालन व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि लगभग 3.45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई पेयजल परियोजना का निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त हो चुका है। परिसर में सोलर प्लांट और जेनरेटर की व्यवस्था भी स्थापित है तथा जलापूर्ति का ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीणों को अब तक नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं की गई है।
यह जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी ने मौके पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल कार्यदायी संस्था वीटीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज द्विवेदी से दूरभाष पर वार्ता कर कड़ी फटकार लगाई और बिना किसी देरी के जलापूर्ति शुरू कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और ट्रायल भी सफलतापूर्वक हो गया है, तो फिर ग्रामीणों को योजना का लाभ न मिलना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
अधिकारियों ने बताया कि यह पेयजल योजना क्षेत्र के तीन गांवों की कुल 3,466 आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित की गई है। योजना के तहत 663 घरों तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए करीब 9,782 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना को तत्काल प्रभाव से संचालित कर ग्रामीणों को जल जीवन मिशन का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होगा जब उनका लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे।