फतेहपुर PHC से गायब डॉक्टर पर उठे बड़े सवाल, क्या होगी कार्रवाई या फाइलों में दब जाएगा मामला
कानपुर/फतेहपुर। बिठौरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में तैनात अधीक्षक एवं मेडिकल ऑफिसर डॉ. वी.के. चौरसिया का कथित प्राइवेट प्रैक्टिस मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सरकारी डॉक्टर फतेहपुर में तैनाती के बावजूद कानपुर के नौबस्ता क्षेत्र स्थित एक निजी क्लीनिक में मरीज देख रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समय पर डॉक्टर नहीं मिलते, जिससे इलाज के लिए भटकना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार डॉक्टर निजी क्लीनिक में प्रैक्टिस कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो विभागीय स्तर पर अब डॉक्टर की उपस्थिति रजिस्टर, ड्यूटी रिकॉर्ड और अवकाश संबंधी दस्तावेजों की जांच की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि आखिर डॉक्टर कितने समय से सरकारी ड्यूटी से अनुपस्थित रहकर निजी प्रैक्टिस कर रहे थे। मामले में फतेहपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. यू.बी. सिंह ने जांच कमेटी गठित करने की बात कही है। उन्होंने साफ कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वायरल वीडियो के बाद अब यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने लंबे समय तक यह मामला अधिकारियों की नजर से कैसे दूर रहा।
जनता पूछ रही सवाल
– क्या सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की मौजूदगी सिर्फ कागजों तक सीमित है?
– क्या विभागीय अधिकारियों को पहले से इसकी जानकारी थी
– अगर वीडियो वायरल न होता तो क्या कार्रवाई होती
अब सभी की नजर स्वास्थ्य विभाग की जांच कमेटी पर टिकी है। देखना यह होगा कि जांच निष्पक्ष होकर दोषियों पर कार्रवाई होती है या फिर मामला अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।