कानपुर। कर्नलगंज थाना क्षेत्र निवासी फैसल अहमद ने खुद को अधिवक्ता और पत्रकार बताने वाले दंपती समेत तीन लोगों पर 1 लाख 42 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। पीड़ित ने आईरा प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
फैसल अहमद ने बताया कि उनकी पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए एक मुकदमे की पैरवी को लेकर वह परेशान थे। इसी दौरान उनके रिश्तेदार जहीर ने जाजमऊ निवासी आरजू उर्फ आसिया और उसके पति अरबाज से मुलाकात कराई। दोनों ने खुद को अधिवक्ता बताते हुए मुकदमे में राहत दिलाने का भरोसा दिया और कानूनी कार्रवाई के नाम पर अलग-अलग समय में रकम लेना शुरू कर दिया।
पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने पहले 30 हजार रुपये लिए, फिर हाईकोर्ट में मुकदमा दाखिल कराने, नोटिस जारी कराने और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का हवाला देकर 50 हजार, 30 हजार और बाद में 32 हजार रुपये लिए। इस तरह कुल 1 लाख 42 हजार रुपये उनसे वसूले गए। आरोप है कि इस दौरान कई सादे कागजों और वकालतनामे जैसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
फैसल का कहना है कि लंबे समय तक कोई न्यायालयी कार्रवाई सामने नहीं आने पर उन्हें संदेह हुआ। जानकारी जुटाने पर पता चला कि आरोपित वास्तव में अधिवक्ता नहीं हैं। जब उन्होंने रुपये वापस मांगे तो उन्हें टालमटोल किया गया। पीड़ित ने दावा किया कि उनके पास बातचीत की रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें जांच एजेंसियों को सौंपा जा सकता है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में रिश्तेदार जहीर की भी भूमिका रही है और तीनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से उन्हें विश्वास में लेकर ठगी की। उन्होंने पुलिस प्रशासन से धोखाधड़ी और ठगी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
फर्जी वकील और पत्रकार बन ठगी का आरोप