जीआरपी ने 1.50 लाख के तीन मोबाइल बरामद किए, एक आरोपी पर 26 मुकदमे दर्ज
कानपुर। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों के आउटर पर यात्रियों को निशाना बनाकर मोबाइल झपटमारी करने वाले दो शातिर चोरों को जीआरपी कानपुर सेंट्रल पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के तीन महंगे एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी और पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रयागराज प्रशांत वर्मा के निर्देशन में रेलवे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। प्रभारी निरीक्षक जीआरपी कानपुर सेंट्रल ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शुक्रवार तड़के करीब 3:10 बजे हैरिसगंज रेलवे पुल के पास पीपल के पेड़ के निकट घेराबंदी कर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि रेलवे आउटर पर यात्रियों के मोबाइल लूटने वाले बदमाश क्षेत्र में मौजूद हैं, जिसके बाद टीम ने सक्रियता दिखाते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों के आउटर पर घात लगाकर बैठते थे। जैसे ही ट्रेन धीमी होती, वे खिड़की या दरवाजे के पास बैठे यात्रियों के हाथ से मोबाइल फोन झपटकर मौके से फरार हो जाते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों का यह तरीका काफी शातिराना था, जिससे यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिलता था। गिरफ्तार अभियुक्तों में दादा नगर कच्ची बस्ती निवासी 32 वर्षीय रोहित और मंगलपुर, कानपुर देहात निवासी 34 वर्षीय राजू कुमार शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रोहित एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है, जिसके खिलाफ कानपुर और गाजियाबाद जीआरपी थानों में चोरी, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित कुल 26 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोटोरोला, सैमसंग और रियलमी कंपनी के तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस सफल अभियान में प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के साथ वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव, चौकी प्रभारी गोविंदनगर उपनिरीक्षक धीरेन्द्र प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक तेज बहादुर यादव, उपनिरीक्षक जितेन्द्र कुमार मौर्य, मुख्य आरक्षी वैश खान, हरिपाल यादव, दीपक यादव, शिव सिंह तथा आरक्षी सत्येन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र कुमार और दीपक यादव शामिल रहे।
जीआरपी पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।