उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति ने उठाई आवाज; कहा- “30 जनवरी 2026 के बाद की गाड़ियों पर लागू हो वन टाइम टैक्स योजना
कानपुर-उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को आरटीओ कार्यालय में संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) राकेंद्र कुमार सिंह से मुलाकात की समिति ने हल्के वाणिज्यिक वाहनों और कार टैक्सी चालकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर आरटीओ को एक ज्ञापन सौंपा और सरकार की नीतियों के खिलाफ गंभीर चिंता व्यक्त की सौंपे गए ज्ञापन में समिति ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हल्के माल वाहक (लाइट कमर्शियल व्हीकल) और कार टैक्सी पर लागू की गई एकमुश्त टैक्स (ओटीटी) योजना से छोटे गाड़ी मालिकों की रोजी-रोटी छिन गई है चालकों का कहना है कि वे गरीब हैं और उनके पास एक साथ भारी-भरकम टैक्स जमा करने के लिए पैसे नहीं हैं ऐसी स्थिति में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है मजबूर होकर उन्हें या तो आत्महत्या करनी पड़ेगी या फिर अपनी गाड़ियां परिवहन कार्यालय में सरेंडर करनी होंगी प्रतिनिधि मंडल की प्रमुख मांगें समिति ने मांग की है कि इस योजना को 30 जनवरी 2026 के बाद खरीदी जाने वाली नई गाड़ियों पर ही लागू किया जाए इससे गाड़ी बेचने वाली कंपनियां इस टैक्स को बैंक के माध्यम से फाइनेंस करा सकेंगी, जिससे आम जनता और गरीब चालकों पर अचानक कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, पदाधिकारियों ने बताया कि कुछ जनपदों में फिटनेस का निजीकरण होने से पहले शुल्क मात्र 1500 से 2000 रुपये लगता था लेकिन निजी कंपनियों को टेंडर मिलने के बाद अब यह खर्च बढ़कर 8000 से 10000 रुपये तक पहुंच गया है इसका सीधा असर फल, दूध, सब्जी जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है, एकमुश्त टैक्स योजना लागू होने के कारण छोटे वाहनों की फिटनेस भी नहीं हो पा रही है जिससे सैकड़ों गाड़ियां खड़ी हो गई हैं, 30 जुलाई 2020 को मोटर अधिनियम में हुए बदलावों का हवाला देते हुए समिति ने मांग की कि 7500 किलोग्राम जीवीडब्ल्यू के अंतर्गत आने वाले हल्के वाहनों से, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में राशन, फल और सब्जी जैसी जरूरी चीजें पहुंचाते हैं, उनसे 1988 के पुराने मोटर अधिनियम के तहत ही जुर्माना राशि वसूली जाए आरटीओ को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से राजेंद्र जायसवाल (राजू), जितेंद्र कुमार रतन, राकेश कश्यप, सौरभ अग्निहोत्री और नंदू गुप्ता सहित कई वाहन स्वामी व चालक उपस्थित रहे आरटीओ राकेंद्र कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।