कानपुर। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने “हिंदी पत्रकारिता के गौरवमयी 200 साल की गौरव गाथा (1826-2026)” शीर्षक से विशेष स्मारिका के प्रथम भाग का प्रकाशन किया। शनिवार को विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर अकादमिक में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने इसका विमोचन किया।
इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि 30 मई 1826 को पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा शुरू किया गया ‘उदंत मार्तंड’ आज 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी कर चुका है। हिंदी पत्रकारिता ने हमेशा समाज के वंचित वर्गों की आवाज़ उठाने और सत्ता से सवाल करने का साहस दिखाया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पत्रकारिता को अपनी जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी।
कुलपति ने स्मारिका को पत्रकारिता के छात्रों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ बताया। स्मारिका को राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शुभकामनाएं भेजीं।
स्मारिका का संपादन विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने किया है। संपादक मंडल में डॉ. ओम शंकर गुप्ता, डॉ. योगेंद्र पांडे, डॉ. जितेंद्र डबराल, डॉ. रश्मि गौतम और डॉ. हरिओम कुमार शामिल रहे। वहीं पेज लेआउट, ग्राफिक डिजाइनिंग और तकनीकी कार्यों में सागर कनौजिया, हिमांशु मौर्य और प्रांजल सचान ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सीएसजेएमयू ने जारी की हिंदी पत्रकारिता के 200 साल की गौरवगाथा