सुरक्षित मातृत्व और एनीमिया मुक्त भारत के लिए डॉक्टरों ने एकजुट होकर की चर्चा

विटामिन सी के साथ आयरन की गोलियां लेने से शरीर में बेहतर होता है अवशोषण : डॉ. नीलम मिश्रा

कानपुर-प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ व भारत सरकार द्वारा महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित मातृत्व के लिए चलाए जा रहे ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ के अंतर्गत शनिवार को आईएसओपीएआरबी सोसायटी द्वारा रीजेंटा होटल में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में शहर के नामचीन डॉक्टरों ने देश को एनीमिया मुक्त बनाने और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने पर गंभीर चर्चा की गोष्ठी के दौरान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. चयनिका काला ने एनीमिया के विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला उन्होंने बताया कि जब शरीर में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन नहीं होता, जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन ले जाते हैं, तो उस स्थिति को एनीमिया कहते हैं यह एक गंभीर बीमारी है जो आज भी देश में मां और बच्चे की मृत्यु का एक बहुत बड़ा कारण बनी हुई है राहत की बात यह है कि एक साधारण ब्लड टेस्ट के द्वारा ही एनीमिया के विभिन्न कारणों और उनके निवारण को आसानी से जाना जा सकता है सोसायटी की अध्यक्षा डॉ. नीलम मिश्रा ने बताया कि शरीर में आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया को सही इलाज और पोषण के जरिए आमतौर पर महज 3 से 4 हफ्ते के भीतर ठीक किया जा सकता है इसके लिए डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों के साथ-साथ आयरन से भरपूर डाइट और नियमित जांच बेहद जरूरी है उन्होंने एक महत्वपूर्ण सलाह देते हुए कहा “आयरन की गोलियों को हमेशा विटामिन सी (जैसे नींबू पानी या संतरा) के साथ लेना बेहतर होता है, क्योंकि इससे शरीर में आयरन का अवशोषण बहुत तेजी से और बेहतर तरीके से होता है सोसायटी की संरक्षिका डॉ. मीरा अग्निहोत्री ने खान-पान पर जोर देते हुए कहा कि हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चुकंदर और अनार जैसी चीजें शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होती हैं वहीं, सोसायटी की सचिव डॉ. किरण सिन्हा ने एक बहुत ही जरूरी मेडिकल गाइडलाइन साझा की उन्होंने सचेत किया कि आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों या दवाइयों को उन चीजों के साथ खाने से बचना चाहिए जो आयरन के अवशोषण को रोकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से चाय, कॉफी, ऑक्सिलेट से भरपूर खाद्य पदार्थ और कैल्शियम से भरपूर चीजें (जैसे दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स) शामिल हैं आयरन और कैल्शियम के सेवन में उचित समय का अंतर होना जरूरी है इस सफल संगोष्ठी में डॉ. मीरा अग्निहोत्री, डॉ. नीलम मिश्रा, डॉ. किरण सिन्हा के अलावा डॉ. राशि मिश्रा, डॉ. विनीता अवस्थी, डॉ. रीता मित्तल, डॉ. कल्पना दीक्षित, डॉ. रेशमा निगम, डॉ. रेनू गुप्ता, डॉ. रमीत आहूजा, डॉ. सपना सिंह, डॉ. सुभी, डॉ. स्वाति गुप्ता, डॉ. स्वाति स्वरूप, डॉ. रेखा गुप्ता और डॉ. रुचि जैन समेत शहर के 50 से अधिक डॉक्टरों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. अमृता साहा और डॉ. रिचा लूथरा द्वारा किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नमस्कार,J news India में आपका हार्दिक अभिनंदन हैं, यहां आपकों 24×7 के तर्ज पर पल-पल की अपडेट खबरों की जानकारी से रूबरू कराया जाएगा,खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करें- +91 9044953076,हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही फेसबुक पेज को लाइक अवश्य करें।धन्यवाद