सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने आयोजित किया त्योहार मिलन कार्यक्रम, 8वें वेतन आयोग और बकाया डीए की उठी मांग
कानपुर। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, कानपुर नगर द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को एक अनूठा और सराहनीय त्योहार मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न धर्मों के पेंशनर्स के बीच आपसी भाईचारा, सौहार्द और कौमी एकता को मजबूत करना रहा। इसी भावना के साथ हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के पेंशनर्स एक मंच पर एकत्र हुए और सभी धर्मों के त्योहारों को मिलकर मनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम एसोसिएशन की उपाध्यक्ष शाहनाज खानम के कल्याणपुर स्थित आवास पर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में पेंशनर्स और पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने आपसी मेल-मिलाप और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए देश और समाज को मजबूत बनाने के लिए भाईचारे को सबसे बड़ी ताकत बताया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पदाधिकारी वीएन पाल ने पेंशनर्स को संबोधित करते हुए कहा कि “पेंशनर्स की केवल एक ही जाति है और वह है ‘पेंशनर’। यदि हम जाति, धर्म और राजनीतिक विचारधाराओं में बंट जाएंगे तो अपनी जायज मांगों और अधिकारों की लड़ाई कमजोर कर देंगे।” उन्होंने कहा कि जब पूरे देश के पेंशनर्स एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेंगे, तभी सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से मानेगी।
उन्होंने सरकार से सभी पुराने पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग का पूरा लाभ तत्काल देने की मांग की। साथ ही कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 माह के महंगाई भत्ते (डीए/डीआर) का भुगतान जल्द जारी करने की मांग भी उठाई। वक्ताओं ने कहा कि यह राशि पेंशनभोगियों का अधिकार है और सरकार को इसे अविलंब जारी करना चाहिए।
कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे किराए में मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट को दोबारा बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि इस सुविधा के बंद होने से बुजुर्गों और पेंशनर्स को यात्रा के दौरान आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएल गुलाबिया ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सरकार बुजुर्गों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नई सुविधाएं देने के बजाय उनके पुराने अधिकार भी धीरे-धीरे खत्म कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने वर्षों तक संघर्ष कर जो सुविधाएं हासिल की थीं, उन्हें अब कानून और नियमों के नाम पर छीना जा रहा है। उन्होंने पेंशनर्स से संगठन को मजबूत बनाने और एकजुट रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में साहबदीन यादव ने देश और दुनिया की मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव और युद्ध जैसे हालातों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं, जबकि सरकार पेंशनर्स को केवल 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता देकर जिम्मेदारी पूरी मान रही है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार को अतिरिक्त चिकित्सा और आर्थिक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
त्योहार मिलन कार्यक्रम में आपसी सौहार्द और पेंशनर्स के अधिकारों की आवाज को बुलंद करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अध्यक्ष बीएल गुलाबिया, उपाध्यक्ष शाहनाज खानम, साहबदीन यादव, बीआर प्रसाद, रवीन्द्र कुमार ‘मधुर’, सुनील सुमन, सरदार इन्द्रजीत सिंह गिल, वीएन पाल, रमाकांत वर्मा, धर्मेन्द्र सिंह यादव, जैनेन्द्र कुमार पाण्डेय, संतोष कुमार त्रिपाठी, दुर्गा प्रसाद अनुरागी, आंशिक हुसैन मंसूरी, मोहम्मद असलम सहित बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स मौजूद रहे।