अमिताभ बाजपेई बोले — दीपा शर्मा चुनाव लड़ेंगी तो सपा नहीं उतारेगी प्रत्याशी
कानपुर। महानगर की राजनीति में जहां अक्सर आरोप-प्रत्यारोप और दलगत खींचतान का माहौल देखने को मिलता है, वहीं सोमवार को आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सौहार्द और आपसी सम्मान की एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। समाजवादी पार्टी के विधायक Amitabh Bajpai ने चौक स्थित ‘सवाई सिंह हाता’ कंपोजिट सरकारी विद्यालय में अपनी विधायक निधि से तैयार कराई गई तीन आधुनिक स्मार्ट क्लासों का लोकार्पण भाजपा के दिवंगत पार्षद दीपक शर्मा की पत्नी दीपा शर्मा के हाथों कराया। विधायक का यह कदम अब शहर की राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है।
कार्यक्रम के दौरान भावुक नजर आए विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि भाजपा के दिवंगत पार्षद दीपक शर्मा उन जनप्रतिनिधियों में शामिल थे जो हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र के विकास और जनता के हितों के लिए कार्य करते थे। उन्होंने कहा कि विद्यालय के आधुनिकीकरण और स्मार्ट क्लास निर्माण की योजना में भी दीपक शर्मा ने पूरी सकारात्मकता और सहयोग दिया था। ऐसे में उनके असमय निधन के बाद उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देने का सबसे उपयुक्त तरीका यही था कि इस परियोजना का उद्घाटन उनकी पत्नी दीपा शर्मा से कराया जाए।
समारोह के दौरान विधायक ने एक बड़ा राजनीतिक एलान कर सभी को चौंका दिया। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में दीपा शर्मा इस वार्ड से पार्षद पद का चुनाव लड़ती हैं, तो समाजवादी पार्टी सम्मान स्वरूप उनके खिलाफ अपना प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारेगी। विधायक के इस बयान को राजनीति में नैतिकता, व्यक्तिगत रिश्तों और आपसी सम्मान की मिसाल माना जा रहा है।
करीब 25 लाख रुपये की लागत से तैयार इन तीनों स्मार्ट क्लासों को आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इनमें स्मार्ट बोर्ड, प्रोजेक्टर, ऑडियो-विजुअल सिस्टम और डिजिटल शिक्षण सामग्री की व्यवस्था की गई है, जिससे बच्चों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
उल्लेखनीय है कि चौक स्थित यह कंपोजिट विद्यालय अंग्रेजी शासनकाल में वर्ष 1930 में स्थापित हुआ था। वर्षों तक उपेक्षा झेलने वाले इस स्कूल में वर्ष 2017 तक केवल 17 छात्र ही शेष रह गए थे। लेकिन लगातार सुधार और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के प्रयासों के बाद आज यहां छात्रों की संख्या बढ़कर लगभग 110 पहुंच चुकी है। बच्चों में देशभक्ति और प्रेरणा का भाव विकसित करने के उद्देश्य से विद्यालय की कक्षाओं के नाम शहीद-ए-आजम Bhagat Singh और पूर्व राष्ट्रपति A. P. J. Abdul Kalam जैसे महान व्यक्तित्वों के नाम पर रखे गए हैं। कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विधायक की इस पहल की खुलकर सराहना की। लोगों का कहना था कि आज जब राजनीति में कटुता और बयानबाजी आम हो चुकी है, ऐसे समय में कानपुर की धरती से निकला यह संदेश लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द दोनों को मजबूती देने वाला है।