कानपुर। उत्तर प्रदेश की कानपुर कमिश्नरेट पुलिस को अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बार फिर बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। नौबस्ता थाना पुलिस, डीसीपी साउथ और एडिशनल डीसीपी साउथ की संयुक्त विंग ने एक बेहद सटीक और खुफिया सूचना के आधार पर जाल बिछाकर अंतरजनपदीय वाहन चोर गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की इस संयुक्त और ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे इलाके के वाहन चोरों और अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में तत्परता दिखाते हुए तीन शातिर और पुराने अभियुक्तों को धर दबोचा है, जिनकी पहचान सलीम, सानू और वाजिद के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने जब इन आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर खुद अधिकारी भी हैरान रह गए। संयुक्त टीम ने इन अभियुक्तों के कब्जे से चोरी की कुल 13 गाड़ियां बरामद की हैं, जिनमें भारी मात्रा में मोटरसाइकिलें और स्कूटियां शामिल हैं। पुलिस ने जब बरामद वाहनों के रिकॉर्ड खंगाले, तो पता चला कि इनमें से 8 गाड़ियों के संबंध में कानपुर कमिश्नरेट के अलग-अलग थानों में पहले से ही चोरी के मुकदमे दर्ज हैं, जबकि बाकी गाड़ियों के मालिकों का पता लगाने के लिए चेसिस और इंजन नंबरों को खंगाला जा रहा है।
### कॉर्पोरेट स्टाइल में चलता था गैंग: कोई चुराता, कोई बदलता, तो कोई काटता!
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने इन शातिर चोरों को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो इस गैंग के काम करने के बेहद चौंकाने वाले और शातिर तरीके का खुलासा हुआ। यह गैंग किसी प्रोफेशनल कंपनी की तरह बकायदा काम बांटकर वारदातों को अंजाम देता था। गैंग का एक सदस्य शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों, अस्पतालों और बाजारों से पलक झपकते ही मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी करने का काम करता था। गाड़ी चोरी होते ही उसे तुरंत दूसरे अभियुक्त के हवाले कर दिया जाता था, जो पेशे से मिस्त्री है। यह मिस्त्री बेहद शातिर तरीके से गाड़ियों के नंबर प्लेट, रंग और अन्य मुख्य हिस्सों में बदलाव कर देता था ताकि पुलिस या जनता उन्हें पहचान न सके।
इसके बाद एंट्री होती थी तीसरे मुख्य अभियुक्त सानू की, जो कबाड़ी का काम करता है। सानू इन चोरी की गाड़ियों को अपने कबाड़खाने में ले जाकर बड़ी बेरहमी से कटवा देता था और उनके इंजन, टायर व अन्य कीमती पार्ट्स को अलग-अलग करके बाजार में औने-पौने दामों पर बेच देता था। जो गाड़ियां अच्छी स्थिति में होती थीं, उन्हें ये लोग फर्जी कागजात तैयार कर या बिना कागजात के ही सीधे ग्रामीण इलाकों में अवैध तरीके से बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे।
### पुराना और खूंखार आपराधिक इतिहास, पुलिस कर रही है विस्तृत पूछताछ
पकड़े गए इन आरोपियों का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। यह कोई नए अपराधी नहीं हैं, बल्कि कानून की आंखों में धूल झोंकने में माहिर पुराने खिलाड़ी हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी सलीम और सानू के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में पहले से ही लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट जैसे करीब 15 गंभीर मामले दर्ज पाए गए हैं। यह गैंग लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
फिलहाल, नौबस्ता पुलिस और साउथ जोन की क्राइम टीम इन सभी अभियुक्तों से बेहद गोपनीयता और विस्तृत तरीके से पूछताछ कर रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इनके तार राज्य के अन्य जिलों के बड़े वाहन चोरों से भी जुड़े हो सकते हैं और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी बरामदगी हो सकती है। पुलिस ने सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और इन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। इस शानदार सफलता के लिए उच्चाधिकारियों ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है।
13 गाड़ियां बरामद, कबाड़ी और मिस्त्री समेत 3 शातिर चोर गिरफ्तार