परमट स्कूल पुनर्निर्माण विवाद ने पकड़ा तूल, भारी पुलिस बल के बीच विधायक अमिताभ बाजपेयी ने किया ‘वर्चुअल शिलान्यास’, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
कानपुर के आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र स्थित परमट के सरकारी प्राथमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को एक बड़े राजनीतिक और लोकतांत्रिक संघर्ष के रूप में सामने आया। विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं और प्रशासनिक रोक के विरोध में विधायक अमिताभ बाजपेयी ने गांधीवादी तरीके से आंदोलन छेड़ते हुए बड़ा संकल्प लिया।
शुक्रवार सुबह प्रशासन ने परमट क्षेत्र और विधायक आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। विधायक को विद्यालय परिसर तक जाने से रोक दिया गया, जिसके बाद उन्होंने अपने आवास पर ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन कर विद्यालय का ‘वर्चुअल शिलान्यास’ किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक, पार्षद, अधिवक्ता और समाजसेवी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान विधायक अमिताभ बाजपेयी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के अधिकार के लिए है। विधायक ने घोषणा की कि जब तक विद्यालय का निर्माण कार्य विधिवत शुरू नहीं हो जाता, तब तक वह नंगे पैर रहेंगे और शरीर के ऊपरी हिस्से पर शर्ट या कुर्ता धारण नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह मर्यादा के तहत केवल अंगवस्त्र या बनियान पहनेंगे।
विधायक ने कहा कि परमट का यह प्राथमिक विद्यालय लंबे समय से जर्जर हालत में था। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विधायक निधि से भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई गई थी। इसके लिए सभी प्रशासनिक स्वीकृतियां, विभागीय अनुमति और वर्क ऑर्डर भी जारी हो चुका था, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने निर्माण कार्य में बाधा डालनी शुरू कर दी। आरोप लगाया गया कि मजदूरों को डराया गया और जनप्रतिनिधियों का अपमान किया गया।
प्रशासनिक रोक के विरोध में विधायक ने भारतीय संविधान की प्रति हाथ में लेकर शपथ ली और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “जब गरीब बच्चों का स्कूल बनने से रोका जा रहा हो, तब सामान्य जीवन जीना मेरे लिए संभव नहीं है। हमारा संघर्ष शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में तब तक जारी रहेगा, जब तक न्याय नहीं मिल जाता।”
कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी राजेश कुमार को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि वैध वर्क ऑर्डर के बावजूद निर्माण कार्य रोकने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही मजदूरों से मारपीट, जनप्रतिनिधियों के अपमान और सोशल मीडिया पर एआई आधारित भ्रामक प्रचार फैलाने वालों की जांच कर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। विधायक ने कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
इस पूरे आंदोलन को विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिला। मौके पर विधायक मोहम्मद हसन रूमी, पूर्व विधायक इरफान सोलंकी, सतीश निगम समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, पार्षदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी विधायक के आंदोलन का समर्थन किया। हवन और ज्ञापन कार्यक्रम के बाद विधायक अमिताभ बाजपेयी नंगे पैर ही परमट मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और विद्यालय निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की प्रार्थना की।