महिला महाविद्यालय में शुरू हुआ कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम, छात्राओं को मिलेंगी डिजिटल सफलता की नई राहें

कानपुर:
किदवई नगर स्थित महिला महाविद्यालय में छात्राओं को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत महाविद्यालय के करियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ द्वारा फिक्की फ्लो के सहयोग से छह माह के नि:शुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ते हुए उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि अनंता स्वरूप, प्रबंध तंत्र की वरिष्ठ सदस्या एवं डिजिटल साक्षरता वर्टिकल प्रमुख फिक्की फ्लो, अंकिता गर्ग अध्यक्षा फिक्की फ्लो, सुषमा सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्षा, अनुराधा वार्ष्णेय पूर्व अध्यक्षा, महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर अंजू चौधरी और संयोजिका प्रोफेसर प्रज्ञा श्रीवास्तव द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। उद्घाटन समारोह में छात्राओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर अंजू चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह तकनीक आधारित हो चुका है और कंप्यूटर ज्ञान अब केवल एक अतिरिक्त योग्यता नहीं, बल्कि हर क्षेत्र की आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि बिना डिजिटल दक्षता के आज किसी भी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा करना कठिन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनके करियर निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
करियर काउंसलिंग सेल की संयोजिका प्रोफेसर प्रज्ञा श्रीवास्तव ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं को छह माह तक नि:शुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान बेसिक कंप्यूटर शिक्षा के साथ डिजिटल कार्यप्रणाली, ऑफिस एप्लीकेशन, इंटरनेट उपयोग और अन्य तकनीकी कौशल सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे उन्हें भविष्य में रोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
मुख्य अतिथि अनंता स्वरूप और फिक्की फ्लो की अध्यक्षा अंकिता गर्ग ने आधुनिक दौर में डिजिटल साक्षरता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए तकनीकी ज्ञान सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। यदि छात्राएं तकनीक में दक्ष होंगी तो वे न केवल नौकरी के बेहतर अवसर प्राप्त करेंगी, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना सकेंगी।
वरिष्ठ उपाध्यक्षा सुषमा सिंह और पूर्व अध्यक्षा अनुराधा वार्ष्णेय ने भी छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ खुद को अपडेट रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने डिजिटल शिक्षा को महिलाओं के सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बताते हुए कहा कि तकनीकी रूप से सक्षम महिलाएं समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मधु गुप्ता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सह-संयोजिका प्रोफेसर अनामिका वर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर डॉ. सबा यूनुस, डॉ. अनीता वर्मा, डॉ. नम्रता तिवारी, खुशबू दुआ सहित महाविद्यालय की समस्त प्रवक्ताओं ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लेकर प्रशिक्षण के प्रति उत्साह और रुचि दिखाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नमस्कार,J news India में आपका हार्दिक अभिनंदन हैं, यहां आपकों 24×7 के तर्ज पर पल-पल की अपडेट खबरों की जानकारी से रूबरू कराया जाएगा,खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करें- +91 9044953076,हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही फेसबुक पेज को लाइक अवश्य करें।धन्यवाद