एनआरआई सिटी के पास पुलिस से हुई मुठभेड़ में पैर में लगी गोली, तमंचा और कारतूस बरामद
कानपुर के चर्चित होजरी व्यवसायी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना फीलखाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य आरोपी विशाल गुप्ता को पुलिस ने मंगलवार देर रात बिठूर रोड स्थित एनआरआई सिटी के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने घेराबंदी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
बताया गया कि बीती 8 मई 2026 को होजरी व्यवसायी विजय चौरसिया के भाई अजय चौरसिया ने थाना फीलखाना में तहरीर देकर हत्या का आरोप लगाया था। शिकायत में कहा गया था कि विशाल गुप्ता विजय चौरसिया को मकान दिखाने के बहाने अपने साथ ले गया था। बाद में विजय चौरसिया सवाई सिंह हाता स्थित एक मकान में गंभीर हालत में खून से लथपथ मिले। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पूरे कारोबारी क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस आयुक्त और अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी।
पुलिस के अनुसार मंगलवार 12 मई को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी विशाल गुप्ता बिठूर रोड के पास देखा गया है। सूचना मिलते ही फीलखाना पुलिस सक्रिय हुई और एनआरआई सिटी के पास घेराबंदी कर दी गई। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर मौके पर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि बरामद तमंचा हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार से भी जुड़ा हो सकता है, जिसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल गुप्ता (46 वर्ष) निवासी सवाई सिंह हाता, फीलखाना के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व थाना प्रभारी अजय मिश्रा ने किया। पुलिस टीम में महिला उपनिरीक्षक स्मिता यादव, उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार, दीपक शर्मा, अनिल कुमार और करनपाल तेवतिया के अलावा हेड कांस्टेबल राजीव सिंह, रामऔतार तथा कांस्टेबल रवि चड्ढा, अभय तिवारी और गुलशन सेठी शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और हत्या के पीछे की वजहों को लेकर आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।