कानपुर चिड़ियाघर में बढ़ी तपिश का असर, दोपहर होते ही छांव में जा रहे जानवर
कानपुर नगर। बीते कुछ दिनों तक हुई बारिश और मौसम में आए बदलाव के कारण गर्मी से लोगों को राहत मिली थी। मौसम सुहावना होने के चलते कानपुर चिड़ियाघर में भी अच्छी खासी रौनक देखने को मिल रही थी, लेकिन पिछले दो दिनों से निकली तेज धूप और बढ़ती तपिश ने एक बार फिर लोगों और वन्यजीवों दोनों को परेशान कर दिया है। गर्मी बढ़ने के साथ ही चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी कमी दर्ज की जा रही है।
कानपुर चिड़ियाघर शहर के प्रमुख पर्यटन और मनोरंजन स्थलों में शामिल है। यहां विभिन्न प्रजातियों के छोटे-बड़े वन्यजीव पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, लेकिन इन दिनों चिड़ियाघर में मौजूद काले हिरण लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। उनकी चमकदार काली त्वचा और सुंदरता लोगों को खासा प्रभावित कर रही है।
तेज गर्मी के चलते दोपहर होते-होते अधिकांश जानवर खुले मैदान छोड़कर अपने बाड़ों और छायादार स्थानों में चले जाते हैं। गर्मी से बचाव के लिए चिड़ियाघर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। जानवरों के बाड़ों में कूलर, फव्वारे और नमी बनाए रखने की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें गर्म हवाओं और तेज तापमान से राहत मिल सके।
चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार पिछले पांच वर्षों में काले हिरणों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। वर्तमान समय में चिड़ियाघर में करीब 85 काले हिरण मौजूद हैं। बताया जाता है कि गर्मी के मौसम में नर काले हिरण का रंग और अधिक गहरा हो जाता है, जिससे उनकी त्वचा चमकदार दिखाई देती है और यही वजह है कि पर्यटक इन्हें देखने के लिए अधिक उत्साहित रहते हैं।
जानकारी के मुताबिक जन्म के समय नर और मादा दोनों हिरण भूरे रंग के होते हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ नर हिरण का रंग धीरे-धीरे काला पड़ने लगता है। कानपुर चिड़ियाघर में वर्तमान में 105 प्रजातियों के लगभग 1250 से अधिक वन्यजीव मौजूद हैं, जिनमें कई प्रजातियों के हिरण भी शामिल हैं। काले हिरणों को संकटग्रस्त प्रजाति की श्रेणी में रखा गया है। यही कारण है कि चिड़ियाघर में इनके लिए प्राकृतिक वातावरण और जंगल जैसी अनुभूति देने का विशेष ध्यान रखा जाता है, ताकि उनका संरक्षण बेहतर तरीके से किया जा सके।