कानपुर के परेड बाजार को हटाए जाने की कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने खुलकर दुकानदारों का समर्थन किया। बाजार परिसर में आयोजित बैठक में सपा विधायकों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने दुकानदारों को भरोसा दिलाया कि उनकी रोजी-रोटी बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए सपा विधायक Amitabh Bajpai ने कहा कि गरीब दुकानदारों के हक की लड़ाई हर हाल में लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा, “चाहे जितना कुछ सहना पड़े, मारेंगे नहीं और मानेंगे भी नहीं।” उन्होंने बताया कि जब नगर निगम की टीम बाजार पहुंची थी, तब सबसे पहले पहुंचकर दुकानदारों के साथ खड़े होने का काम किया गया था और आगे भी किसी गरीब की रोजी-रोटी उजड़ने नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मेहनतकश लोगों के हितों की रक्षा करना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
वहीं विधायक Mohammad Hasan Roomi ने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत की तर्ज पर अचानक आदेश जारी कर गरीबों की दुकानें उजाड़ना उचित नहीं कहा जा सकता। उन्होंने नगर निगम से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए कहा कि दुकानदारों, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए, न कि गरीबों के पेट पर लात मारने का काम किया जाए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि परेड बाजार वर्षों से शहरवासियों को सस्ते सामान उपलब्ध कराने का प्रमुख केंद्र रहा है और हजारों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। रामलीला, जुलूस-ए-मोहम्मदी और गरीब बेटियों की शादियों जैसे सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में भी इस बाजार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नेताओं ने कहा कि परेड बाजार केवल व्यापारिक केंद्र नहीं बल्कि शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा है, जिसे किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होने दिया जाएगा।
बैठक में विधायक नसीम सोलंकी, कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता, संदीप शुक्ला, पार्षद फैजान रहमान, रजत बाजपेई, जावेद अख्तर गुड्डू, उमर शरीफ, चंकी गुप्ता, परेड बाजार अध्यक्ष विशाल शुक्ला लल्लू और मो. इमरान हुसैन सहित बड़ी संख्या में दुकानदार और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
परेड बाजार हटाने के विरोध में सपा-कांग्रेस मैदान में, दुकानदारों को संघर्ष का भरोसा