कानपुर:
जनपद में शिक्षामित्र सम्मान समारोह का आयोजन मंगलवार को मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स सभागार में भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की उपस्थिति रही, जहां परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों के योगदान को सराहा गया और चयनित शिक्षामित्रों को सम्मानित किया गया।
समारोह का उद्देश्य शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए उन्हें प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
अपने संबोधन में प्रभारी मंत्री ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं, जो विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयासरत है और शिक्षकों व शिक्षामित्रों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया गया है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
कार्यक्रम के दौरान जनपद के विभिन्न विकासखंडों से चयनित शिक्षामित्रों को डेमो चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में ककवन से दुष्यंत सिंह यादव, बिल्हौर से सुरेंद्र सिंह, भीतरगांव से रंजना, चौबेपुर से स्मृति मिश्रा, कल्याणपुर से बबिता कुरील, सरसौल से विनय, शिवराजपुर से रंजना मिश्र, पतारा से पूजा सिंह, बिधनू से हेमंत अवस्थी, घाटमपुर से सोनी भदौरिया तथा नगर क्षेत्र से त्रिभुवन और विवेक मिश्र शामिल रहे।
सम्मानित शिक्षामित्रों ने इस पहल के लिए आभार जताते हुए आगे भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधायक नीलिमा कटियार, सरोज कुरील और सुरेंद्र मैथानी, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन, एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार, डीआईओएस संतोष राय, बीएसए सुरजीत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षामित्रों का सम्मान, शिक्षा पर जोर