आईडीबीआई बैंक ने 25 लाख की सामग्री बालगृह को सौंपी, अवनीश अवस्थी ने कहा—शिक्षा और कौशल से आत्मनिर्भर बनें बेटिया
कानपुर। जिले में बालिकाओं के बेहतर भविष्य और उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है। जिला प्रशासन के सहयोग से आईडीबीआई बैंक, कानपुर नगर द्वारा अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) योजना के तहत बालगृह (बालिका), स्वरूपनगर में आवासित बच्चों के लिए लगभग 25 लाख रुपये की उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं के कौशल विकास, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
बालगृह परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने फीता काटकर विभिन्न सामग्रियों का लोकार्पण किया और बालिकाओं को यह सुविधाएं सौंपीं। बैंक द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री में 3 आरओ प्लांट, 3 बड़े तवे, 3 डिश वॉशर, 10 कंप्यूटर, 10 टेबल और बच्चों के लिए 30 टेबल-बेंच सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। इन संसाधनों से न केवल बालिकाओं की दैनिक जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि उनकी शिक्षा और तकनीकी दक्षता को भी नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान अवनीश अवस्थी ने बालिकाओं से संवाद किया और उन्हें शिक्षा, अनुशासन तथा कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बेटियों को सशक्त बनाना समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है और सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने संस्था की उपलब्धियों और प्रगति की जानकारी भी मुख्य अतिथि को दी।
इस अवसर पर आईडीबीआई बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक बसंत कुमार मोदी, शाखा प्रबंधक प्रवीण चौबे, प्रबंधक अभिषेक शुक्ला, उपनिदेशक महिला कल्याण पुनीत कुमार मिश्र, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह, बालगृह की अधीक्षिका सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला कदम बताया।