कानपुर सम्मेलन में आर-पार की लड़ाई का ऐलान, शोषण व वेतन विसंगतियों के खिलाफ प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी
कानपुर में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर निर्णायक संघर्ष का ऐलान कर दिया। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि अब संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के साथ हो रहे उत्पीड़न और आर्थिक शोषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष पंडित राम जी त्रिपाठी ने कहा कि रोडवेज की रीढ़ माने जाने वाले संविदा कर्मचारियों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक डिपो स्तर पर शीघ्र ही सघन आंदोलन शुरू किया जाएगा, ताकि कर्मचारियों की आवाज को मजबूती से उठाया जा सके।
सम्मेलन में आंदोलन को चार प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित करने का निर्णय लिया गया। इनमें ड्यूटी और वेतन विसंगतियों के नाम पर हो रहे उत्पीड़न पर रोक, आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मचारियों के आर्थिक शोषण की समाप्ति, समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करना तथा रोडवेज की आय को प्रभावित करने वाले अवैध डग्गामार वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है।
प्रांतीय उपाध्यक्ष शिवम त्रिपाठी ने सम्मेलन का संचालन करते हुए सभी पदाधिकारियों को संगठन की मजबूती और एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। इस दौरान प्रयागराज, आगरा, गाजियाबाद, गोरखपुर सहित कई जिलों से आए पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को भी प्रमुखता से रखा और आंदोलन को व्यापक बनाने पर जोर दिया।
वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते परिवहन निगम प्रशासन और सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आने वाले समय में चक्का जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और शासन की होगी।
रोडवेज कर्मचारियों का आंदोलन तेज