कानपुर—उत्तर प्रदेश को जल्द ही एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर सौगात मिलने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के पहले पैकेज का निर्माण कार्य 15 मई तक पूरा करने का दावा किया है। इसके बाद किसी भी समय इस बहुप्रतीक्षित एक्सप्रेसवे का उद्घाटन संभव है, जिससे प्रदेश के दो प्रमुख शहरों के बीच यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा।
वर्तमान में लखनऊ से कानपुर तक की दूरी तय करने में करीब ढाई से तीन घंटे का समय लगता है, लेकिन एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह सफर महज 35 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत कम होने के साथ औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
एक्सप्रेसवे का पहला पैकेज सरोजनीनगर स्थित सैनिक स्कूल से बनी तक लगभग 18 किलोमीटर लंबा है। इस हिस्से का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और निरीक्षण के बाद ही इसे पूर्णता प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। वहीं दूसरा पैकेज बनी से आगे प्रधान ढाबा, आजाद चौक टोल होते हुए ट्रांस गंगा सिटी तक करीब 45 किलोमीटर लंबा है, जिसका पूर्णता प्रमाणपत्र फरवरी 2026 में ही जारी किया जा चुका है।
फिलहाल शिवपुरा (खांडेदेव) क्षेत्र में टोल बैरियर लगाने का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा एलीवेटेड रोड के कुछ हिस्सों में फिनिशिंग का काम अभी बाकी है। दारोगा खेड़ा में कट बंद करने का कार्य भी अधूरा है, जहां स्थानीय लोगों के विरोध के चलते काम में देरी हो रही है।
करीब ₹4700 करोड़ की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट को मूल रूप से जुलाई 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसकी समय-सीमा लगातार बढ़ती रही। तीन महीने के ग्रेस पीरियड के दौरान भी कार्य पूरा नहीं हो सका, जिसका मुख्य कारण बिजली विभाग से आवश्यक शटडाउन न मिल पाना बताया गया। अब नई समय-सीमा 15 मई निर्धारित की गई है।
63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा हाईटेक मार्ग होगा, जहां ट्रामा सेंटर जैसी आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके दोनों ओर पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए लगभग 46 हजार पेड़ लगाए जा रहे हैं। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ को आउटर रिंग रोड, उन्नाव, लालगंज और कानपुर से जोड़ते हुए स्टेट हाईवे जुनाबगंज के रास्ते मोहनलालगंज, हरौनी और मोहन रोड तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसके चालू होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का पहला पैकेज 15 मई तक पूरा होने का दावा