आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बिजली कर्मचारियों की अनदेखी पर बढ़ा आक्रोश: तैनाती में गड़बड़ी, साप्ताहिक अवकाश नहीं, बोनस व प्रमोशन लंबित; केस्को प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन, समाधान न हुआ तो आंदोलन होगा तेज
कानपुर में बिजली कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर असंतोष लगातार गहराता जा रहा है। उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे आंदोलन के तीसरे चरण में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने केस्को प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कानपुर में उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ द्वारा कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और कथित उत्पीड़न के विरोध में चल रहे आंदोलन ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। आंदोलन के तीसरे चरण के तहत आज यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को संबोधित ज्ञापन केस्को के प्रबंध निदेशक के प्रतिनिधि—निदेशक (वाणिज्य) को सौंपा।
संगठन के उप महामंत्री गौरव दीक्षित ने बताया कि शहर के कई सब-स्टेशनों पर एसएसओ, लाइनमैन और हेल्पर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कर्मचारियों की तैनाती कॉर्पोरेशन के तय मानकों (यार्डस्टिक) के अनुसार नहीं की गई है। इससे कार्य का दबाव बढ़ रहा है और कर्मचारियों को लगातार ओवरलोड में काम करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश तक नहीं मिल रहा, जिससे उनकी कार्यक्षमता और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने संविदा कर्मचारियों की लगातार घटाई जा रही संख्या पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि स्थायी कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है, जबकि संविदा कर्मियों को हटाया जा रहा है। इतना ही नहीं, कर्मचारियों को अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी पर बुलाया जाता है, लेकिन इसके बदले न तो प्रतिकर अवकाश दिया जाता है और न ही अतिरिक्त वेतन। इसे श्रम कानूनों का उल्लंघन बताते हुए यूनियन ने तत्काल कार्रवाई की मांग की।
संगठन के महामंत्री बी.के. अवस्थी ने केस्को में लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित प्रमोशन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से पदोन्नति न होने के कारण कर्मचारियों में निराशा है। इसके साथ ही मृतक आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी में नियुक्ति न दिए जाने और कई वर्षों से बोनस का भुगतान न होने पर भी नाराजगी जताई गई।
यूनियन पदाधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि यदि प्रबंधन ने इन समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए, तो केंद्रीय कमेटी के निर्देश पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के प्रतिनिधिमंडल में बी.के. अवस्थी, गौरव दीक्षित, संतोष श्रीवास्तव, आशीष, नरेश, विशाल सिंह, फूलचंद समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।