कानपुर- कमिश्नरेट के महाराजपुर थाना क्षेत्र निवासी 11 वर्षीय किशोर दिव्यांश द्विवेदी की लखनऊ स्थित एक गुरुकुल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों ने गुरुकुल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चे को प्रताड़ित किया गया और उसकी हत्या की गई है। मृतक के शरीर पर मिले कई चोटों के निशानों ने मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है।
बताया गया कि दिव्यांश हाल ही में शिक्षा के लिए गुरुकुल भेजा गया था। परिजनों के अनुसार, पहले उन्हें सूचना दी गई कि बच्चा सीढ़ियों से गिर गया है और उसे मामूली चोट आई है, जिसका इलाज करा दिया गया है। लेकिन अगले ही दिन प्रबंधन ने बताया कि सुबह उठने पर बच्चे में कोई हरकत नहीं हो रही थी।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि गुरुकुल के जिम्मेदार लोग बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को लेकर महाराजपुर पहुंचे और घर पर छोड़कर वहां से चले गए। जब परिजनों ने शव देखा तो शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले, जिससे मारपीट की आशंका और गहरा गई।
घटना की जानकारी मिलते ही महाराजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना से गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि उन्होंने बेटे को बेहतर भविष्य के लिए गुरुकुल भेजा था, लेकिन वहां से उसकी लाश वापस आई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल पुलिस की टीमें लखनऊ स्थित गुरुकुल से संपर्क कर पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हैं और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
गुरुकुल में छात्र की संदिग्ध मौत