पुराने पेंशनर्स को लाभ से वंचित रखने का विरोध, पीएम को भेजा ज्ञापन
कानपुर। ऑल इंडिया गवर्नमेंट पेंशनर्स फेडरेशन एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के सैकड़ों पेंशनर्स ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष बी.एल. गुलाबिया ने किया। इस दौरान संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा ने सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ‘वित्त विधेयक 2025’ के जरिए पुराने पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग के लाभ से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है, जिससे पेंशनर्स में भारी आक्रोश है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने पेंशनर्स की विभिन्न समस्याओं को उठाया। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन पेंशन संगठन के महामंत्री ओ.पी. श्रीवास्तव ने कोरोना काल के 18 माह के बकाया महंगाई भत्ते के भुगतान की मांग की। वहीं रेल किराए में छूट बहाल करने और राशिकरण की कटौती 15 वर्ष के बजाय 10 वर्ष बाद समाप्त करने की भी मांग उठाई गई।
वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ अभी तक कई पेंशनर्स को नहीं मिल पा रहा है। पेंशन फोरम के महामंत्री आनंद अवस्थी ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो देशभर के पेंशनर्स आंदोलन तेज करेंगे।
अंत में जिलाध्यक्ष बी.एल. गुलाबिया ने 10 सूत्रीय मांग पत्र पढ़कर सुनाया और अपर नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
प्रदर्शन में उमेश सिंह, आर.पी. श्रीवास्तव (एडवोकेट), रवीन्द्र कुमार मधुर, बेचे लाल कुशवाहा, कमल अग्रवाल, सरदार इन्द्रजीत सिंह गिल, भोलानाथ पाल, रमाकांत वर्मा, हीरालाल शर्मा, मेवालाल कनौजिया, विष्णु पाल, विजय बाल्मीकि, राजेन्द्र सिंह पाल, दीपा तोलानी और रामरानी कटियार सहित कई पेंशनर्स मौजूद रहे।