कानपुर। परमट स्थित उत्तर भारत के प्रसिद्ध श्री आनंदेश्वर महादेव मंदिर (बाबा आनंदेश्वर धाम) में जूना अखाड़े द्वारा नई व्यवस्थाओं का संचालन शुरू कर दिया गया है। जूना अखाड़े की गुरुमूर्ति महाकाल गिरी महाराज ने मंदिर के ‘मुख्य कोठारी महंत’ के रूप में कार्यभार संभाल लिया है, जबकि इच्छा गिरी महाराज को मंदिर की व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।मंदिर परिसर पहुंचने पर भक्तों और सेवादारों ने पुष्प वर्षा और जयघोष के साथ दोनों महंतों का भव्य स्वागत किया। यह नियुक्ति जूना अखाड़ा संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरि गिरि महाराज के निर्देश तथा नारायण गिरी महाराज की संस्तुति पर की गई है। गौरतलब है कि दोनों महंत पूर्व में भी बाबा आनंदेश्वर धाम की व्यवस्थाओं से जुड़े रहे हैं, लेकिन अब उन्हें औपचारिक रूप से विशेष दायित्वों के साथ कानपुर भेजा गया है। कार्यभार संभालते ही जूना अखाड़े की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मंदिर के विकास और विस्तार को प्राथमिकता दी जाए। इसके तहत शासन-प्रशासन के समन्वय से लंबित कार्यों को शीघ्र शुरू कराने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं व सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा। इस अवसर पर जूना अखाड़ा मुख्यालय से आए गिरीशनंद महाराज, महेंद्र शैलेंद्र गिरी, महंत अतुल गिरी (सेक्रेटरी), महंत गिरीश आनंद गिरि सहित कई संत मौजूद रहे। स्वागत कार्यक्रम में संजय पुजारी, अजय पुजारी, के.के. तिवारी, अनूप मिश्रा और मीडिया प्रभारी आशुतोष कुमार ‘अंश’ सहित अन्य श्रद्धालुओं ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया।
महंतों के आगमन से मंदिर परिसर में उत्साह का माहौल है और जल्द ही जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण की योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आनंदेश्वर धाम की कमान महाकाल गिरी को