कानपुर। शहर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बर्रा पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’, प्रतिबंधित ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी बैंकिंग ट्रांजेक्शन के जरिए ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 8 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को कम समय में ज्यादा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और वेबसाइट्स के जरिए ठगी करता था। साथ ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर भी लोगों से पैसे ऐंठे जाते थे।
जांच में सामने आया कि आरोपियों के बैंक खातों में पिछले 3 महीनों के दौरान करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब ₹50 लाख की रकम फ्रीज करा दी है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से भारी मात्रा में साइबर ठगी का सामान बरामद हुआ है, जिसमें 26 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 54 एटीएम कार्ड, 26 बैंक पासबुक, 1 चेकबुक और 30 सक्रिय सिम कार्ड शामिल हैं।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल अवैध धन को इधर-उधर ट्रांसफर करने में करता था।
बर्रा थाना पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। साथ ही गिरोह के फरार सदस्यों और अन्य जिलों से जुड़े नेटवर्क की तलाश के लिए विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
कानपुर में साइबर गैंग का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार