अभिनव हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में है। 35 वर्षीय सुनैना वर्मा की संदिग्ध मौत ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है।
सरसौल के बौसर गांव निवासी सुनैना रविवार सुबह अचानक बेहोश होकर गिर गईं। परिजन पहले एक स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें मंगला विहार स्थित अभिनव हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। हैरानी की बात—परिजनों के अनुसार, सुनैना खुद चलकर अस्पताल पहुंचीं, यानी हालत उतनी गंभीर नहीं दिख रही थी।
💉 दो इंजेक्शन और बिगड़ी हालत
आरोप है कि अस्पताल में पहुंचते ही दो इंजेक्शन लगाए गए, जिसके बाद सुनैना की हालत बिगड़ गई। होश आने पर उन्होंने घर जाने की बात कही, लेकिन स्टाफ ने जबरन ICU में भर्ती कर दिया।
‘पंपिंग’ या लापरवाही?
मृतका के भांजे का आरोप—इलाज के दौरान “पंपिंग” के नाम पर दो लोग मरीज के ऊपर चढ़ गए, जबकि सामान्य प्रक्रिया अलग होती है। सवाल—क्या यही बना मौत की वजह?
रेफरल का खेल और कमीशन का शक
परिजनों ने आरोप लगाया कि कमीशन के लालच में मरीज को यहां भेजा गया। साथ ही, सूत्रों के हवाले से अस्पताल को संरक्षण मिलने की भी चर्चा है—हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मौत के बाद बवाल, 3 लाख मुआवजे की मांग
जैसे ही मौत की खबर फैली, परिजन और स्थानीय लोग भड़क गए। अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। पुलिस पहुंची और हालात काबू में किए गए। परिजन पोस्टमार्टम से इनकार करते हुए मुआवजे की मांग पर अड़े हैं।
🗣️ डॉक्टर का पक्ष
डॉक्टर सुरेंद्र पटेल का कहना है कि मरीज की स्पष्ट डायग्नोसिस नहीं बन पा रही थी, फिर भी हर संभव इलाज किया गया। उन्होंने लापरवाही के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
👮 पुलिस क्या कह रही है?
चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र के मुताबिक, परिजन अभी पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हैं। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।
किडनी कांड के बाद भी नहीं सुधरे हालात?
हाल ही में सामने आए किडनी कांड के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठे थे। अब इस घटना ने फिर सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल
क्या कानपुर में ऐसे ही चलता रहेगा इलाज के नाम पर खेल?
कार्रवाई होगी या फिर कुछ समय बाद मामला ठंडा पड़ जाएगा?
क्या अस्पताल सील होकर फिर नए नाम से खुलेंगे?
सच क्या है—लापरवाही, साजिश या सिर्फ एक हादसा?
फिलहाल जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
खबर में लगाए गए आरोप परिजनों और सूत्रों के आधार पर हैं,