जमीन विवाद और मारपीट के बाद दोनों परिवारों ने लिया शांति बनाए रखने का संकल्प
कानपुर/बांदा। शहर में लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद और हाल ही में हुई मारपीट की घटना का आखिरकार शांतिपूर्ण समाधान हो गया। सोमवार को दोनों पक्षों ने समाज के गणमान्य लोगों और मीडिया की मौजूदगी में आपसी सहमति से समझौता कर लिया और भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद न करने का संकल्प लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रथम पक्ष अभिषेक जैन और द्वितीय पक्ष किशन कुमार जड़िया के बीच एक प्लॉट और मकान की बिक्री को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। यह विवाद 17 मार्च 2026 को उस समय और बढ़ गया, जब मोबाइल पर हुई कहासुनी के बाद अभिषेक जैन अपने साथियों के साथ दूसरे पक्ष के घर पहुंचे और गाली-गलौज के साथ मारपीट की घटना हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धारा 107/116 सीआरपीसी के तहत निरोधात्मक कार्रवाई भी की थी।
हालांकि अब दोनों पक्षों ने समझदारी दिखाते हुए विवाद को समाप्त करने का फैसला लिया। समझौता-पत्र के अनुसार, अभिषेक जैन ने स्वीकार किया कि उनसे आवेश में आकर गलती हुई थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती मानते हुए दूसरे पक्ष से माफी मांगी और आश्वासन दिया कि भविष्य में वे या उनके परिवार का कोई सदस्य उक्त संपत्ति को लेकर न तो हस्तक्षेप करेगा और न ही किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न करेगा।
समझौते के दौरान अभिषेक जैन ने अपनी संपूर्ण धनराशि भी अपने परिजनों—पत्नी, पिता और भाइयों—की मौजूदगी में प्राप्त कर ली। साथ ही उन्होंने लिखित रूप में यह घोषणा की कि अब उनका द्वितीय पक्ष से किसी प्रकार का कोई लेन-देन शेष नहीं है।
समझौता-पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में प्रथम पक्ष द्वारा किसी प्रकार का हस्तक्षेप किया जाता है, तो द्वितीय पक्ष उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा। इस पूरे समझौते को नोटरी अधिवक्ता के समक्ष सत्यापित कराया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इसे कानूनी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
इस दौरान दोनों पक्षों के परिजनों के साथ-साथ समाज के कई गणमान्य लोग गवाह के रूप में मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर इस पहल की सराहना की जा रही है, क्योंकि इससे दोनों परिवारों को लंबे समय तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने से राहत मिल गई है।
आपसी समझ और संवाद से सुलझा यह विवाद समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देता है।