कानपुर। धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में प्रभावशाली माने जाने वाले श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा ने अब सक्रिय राजनीति में अपनी भागीदारी के संकेत देकर हलचल मचा दी है। अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज ने ऐलान किया है कि जूना अखाड़ा आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगा और वर्तमान सरकार के समर्थन में चुनावी अभियान चलाएगा।
परमट स्थित प्रसिद्ध बाबा आनंदेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज ने संत समाज की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि संत केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को दिशा देने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के प्रसिद्ध श्लोक “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” का उल्लेख करते हुए कहा कि जूना अखाड़ा इसी कर्मयोग के सिद्धांत को आत्मसात कर जनसेवा और राष्ट्रहित में कार्य कर रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बंगाल में अखाड़ा न केवल वैचारिक समर्थन देगा, बल्कि चुनावी जनसभाओं, जनसंपर्क अभियानों और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। उनका कहना था कि धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के मुद्दों को लेकर अखाड़ा हमेशा अग्रणी रहा है और आगे भी रहेगा।
प्रेस वार्ता के दौरान बाबा आनंदेश्वर मंदिर में चल रहे कॉरिडोर निर्माण कार्य का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। इस पर श्रीमहंत ने भरोसा दिलाया कि मंदिर के अधूरे पड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन और जूना अखाड़े के संत मिलकर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगे, जिसे शासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि सरकार के सहयोग से मंदिर का सुंदरीकरण और विस्तार समयबद्ध तरीके से किया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि बाबा आनंदेश्वर धाम को “छोटी काशी” के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया गया है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
जूना अखाड़े के इस राजनीतिक कदम को लेकर प्रदेश और देश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारों का मानना है कि अखाड़े की सक्रिय भागीदारी से पश्चिम बंगाल चुनाव में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों को नई धार मिल सकती है। संत समाज के प्रभाव को देखते हुए इसका असर चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है।
अंत में श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज ने कहा कि जूना अखाड़ा सदैव धर्म, समाज और राष्ट्र के हित में खड़ा रहा है और आगे भी अपनी जिम्मेदारी निभाता रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां एक ओर अखाड़ा चुनावी मैदान में अपनी भूमिका निभाएगा, वहीं दूसरी ओर धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी प्रतिबद्ध रहेगा।
बंगाल चुनाव में उतरेगा जूना अखाड़ा