कानपुर। क्रीड़ा भारती कानपुर प्रांत द्वारा हनुमान जयंती एवं संगठन के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खेल, संस्कृति और आध्यात्म का सुंदर संगम देखने को मिला, जिसमें खिलाड़ियों, पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ क्रीड़ा गीत के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित खिलाड़ियों और पदाधिकारियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की। इसके पश्चात हनुमान जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा अर्पित की गई। वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत करने के लिए सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे कार्यक्रम में भक्ति का विशेष माहौल बन गया।
इसके उपरांत कबड्डी प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया गया। प्रतियोगिता में कुल 10 टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें खिलाड़ियों ने जोश, उत्साह और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। मैच का शुभारंभ प्रांत मंत्री नीतू कटियार, प्रांत कोषाध्यक्ष वीरेंद्र त्रिपाठी, प्रांत प्रचार प्रमुख वैभव गौड़ एवं जिला अध्यक्ष राजुल खन्ना सहित अन्य पदाधिकारियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर और टॉस कराकर किया गया।
कार्यक्रम में क्रीड़ा भारती के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें महानगर सहमंत्री संदीप, मंत्री श्याम मिश्रा, सुनील मंगल, मातृशक्ति प्रमुख सुलोचना, सहमातृशक्ति प्रमुख संतोष त्यागी, क्रीड़ा केंद्र प्रमुख शैलेश कटियार, जिला मातृशक्ति प्रमुख सविता, सह प्रमुख कंचन, अंकिता, कृष्णा और रौनक सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने पूरे जोश और अनुशासन के साथ खेल का प्रदर्शन किया। आयोजकों द्वारा खिलाड़ियों और अतिथियों को हनुमान जी का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया, वहीं विजेता टीमों और खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करना, उनमें टीम भावना का विकास करना तथा उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना रहा। साथ ही इस कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।
क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम खेल और संस्कारों के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा, जिसने युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
स्थापना दिवस पर खेल और भक्ति का संगम