गोपाल टावर चौराहे पर धंसी सड़क, बच्चों से भरी DPS बस झुकी; चीख-पुकार के बीच सुरक्षित निकाले गए मासूम
कानपुर के काकादेव क्षेत्र में गुरुवार को एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया, जब रावतपुर के पास गोपाल टावर चौराहे पर अचानक सड़क (पुलिया) धंस गई और उसी समय वहां से गुजर रही बच्चों से भरी स्कूल बस उसमें फंस गई। बस का एक हिस्सा गड्ढे में धंसते ही वह एक तरफ झुक गई, जिससे बस में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई और इलाके में अफरा-तफरी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की बस रोजाना की तरह बच्चों को लेकर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस सामान्य रफ्तार में थी कि अचानक सड़क का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे धंस गया और बस का अगला हिस्सा उसमें जा फंसा। बस असंतुलित होकर पलटने की कगार पर पहुंच गई थी।
ऐसे संकटपूर्ण क्षण में बस चालक ने अद्भुत सूझबूझ और सतर्कता का परिचय दिया। उसने तुरंत ब्रेक लगाकर बस को नियंत्रित किया और बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बस की गति तेज होती या चालक ने एक पल भी देर की होती, तो बस पलट सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद मौके पर मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई। उन्होंने बस में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। बच्चों के चेहरे पर डर और दहशत साफ झलक रही थी। कुछ ही देर में मौके पर भारी भीड़ जुट गई, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
सूचना मिलते ही बच्चों के अभिभावक भी घटनास्थल पर पहुंच गए। अपने बच्चों को सुरक्षित देख उन्होंने राहत की सांस ली, लेकिन घटना को लेकर उनके मन में डर और आक्रोश दोनों नजर आए।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा नगर निगम और संबंधित निर्माण एजेंसियों पर फूट पड़ा। क्षेत्रीय निवासियों का आरोप है कि पुलिया का निर्माण बेहद घटिया स्तर का किया गया था और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “यह पुलिया नहीं, बल्कि जनता के लिए बिछाया गया मौत का जाल है।”
इस घटना ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर मानसून से पहले सड़कों और पुलियों की मजबूती को लेकर किए जाने वाले दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।
गनीमत यह रही कि इस भयावह हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन शहर के व्यस्त चौराहे पर हुई इस घटना ने साफ कर दिया है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।