कानपुर। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए लेबर कोड के विरोध में बुधवार को शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों का आक्रोश देखने को मिला। इसी क्रम में आयुध उपस्कर निर्माणी (ओईएफ) फूलबाग के मुख्य द्वार पर किला मजदूर यूनियन के नेतृत्व में कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन राष्ट्रीय सुरक्षा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें एआईडीईएफ से संबद्ध एच. एंड एस. फैक्ट्री इम्प्लाइज यूनियन ने भी भागीदारी की। हालांकि आरएसएस से जुड़े मजदूर संगठन बीएमएस ने इस विरोध में हिस्सा नहीं लिया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नए श्रम कानूनों को मजदूर विरोधी बताते हुए उन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही पुरानी पेंशन योजना की बहाली और आयुध निर्माणियों के निगमीकरण को रद्द करने की भी जोरदार मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने आक्रोश का इजहार किया।
किला मजदूर यूनियन के महामंत्री समीर बाजपेई ने कहा कि नए लेबर कोड से नौकरी की सुरक्षा, यूनियन अधिकार और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने बताया कि नए प्रावधानों के अनुसार 300 तक कर्मचारियों वाली कंपनियों को छंटनी या बंद करने के लिए सरकार की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा काम के घंटे बढ़ाकर 12 घंटे तक किए जाने और स्थायी नौकरियों की जगह अनुबंध आधारित रोजगार को बढ़ावा मिलने की आशंका जताई गई।
उन्होंने यह भी कहा कि यूनियन बनाने और हड़ताल करने की प्रक्रिया को जटिल बना दिया गया है, जिससे श्रमिकों के अधिकार प्रभावित होंगे। इसी के विरोध में देशभर के श्रमिक संगठन एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं।
प्रदर्शन में किला मजदूर यूनियन के महामंत्री समीर बाजपेई, संयुक्त मंत्री ब्रजेश तिवारी, मिथिलेश प्रसाद, मोहित कुमार, विजय पाल, एलपीसी सदस्य नीरज सिंह, सियाराम, सतीश कुमार के साथ इम्प्लाइज यूनियन के महामंत्री शिवम उपाध्याय, उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह, प्रदीप कुमार, रवि द्विवेदी, सुनील यादव, अखिलेश सिंह चौहान, नदीम, जाकिर, दीपक गोंड, कमलापति पटेल, सोमवीर यादव, गुलाब सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
नए लेबर कोड के खिलाफ ओईएफ गेट पर प्रदर्शन